वहीं, आग लगने के बाद बच्चों ने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। धमाके व बच्चों का शोर सुनकर जोनी व बबीता कमरे की ओर दौड़े। वहीं, आग लगी देख उनके होश उड़ गए। बच्चे आग में बुरी तरह झुलस चुके थे। किसी तरह दोनों ने बच्चों को आग से झुलसी हालत में बाहर निकाला। बच्चों को बचाने के दौरान बबीता व जोनी भी बुरी तरह झुलस गए।
उधर, बच्चों के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। पड़ोसियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया और पल्लवपुरम पुलिस को मामले की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गंभीर रूप से झुलसे बच्चों व दंपती को निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया। सभी की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मामले की जानकारी ली।
दंपती रसोई में कर रहा था काम, बच्चों के चिल्लाने पर कमरे की ओर दौड़े
जोनी व बबीता रसोई में होली के पर्व को लेकर काम कर रहे थे। इस दौरान बच्चे कमरे में बैठकर खेल रहे थे। जोनी के अनुसार, रसोई में काम करने के दौरान अचानक तेज धमाके व बच्चों के चीखने की आवाज आई, जिस पर वह पत्नी के साथ कमरे की ओर दौड़ा। बताया कि बेड में आग लगी हुई थी और बच्चे आग की चपेट में आए हुए थे। वहीं, आग में झुलस जाने के कारण बच्चे मदद के लिए जोर-जोर से चीख रहे थे। इस दौरान बच्चों को बचाने के चक्कर में पति और पत्नी भी झुलस गए। इसके बाद पड़ोसियों ने मौके पर पहुंच कर उनकी मदद की और आग पर काबू पाया। इसके बाद पुलिस ने जोनी के सिकेड़ा में रह रहे परिवार को फोन पर जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलते ही सिकेड़ा से परिजन मोदीपुरम के लिए रवाना हो गए।
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