सहारनपुर। शहर के बीचोंबीच स्थित महत्वपूर्ण ढमोला नदी पुल पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है। पुल की एक तरफ की फुटपाथ गायब हो चुकी है तो रेलिंग टूटी पड़ी है। पुल से रोजाना दस हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं और कई स्कूल के छात्र व नागरिक पैदल निकलते हैं। ऐसे में कभी बड़ा हादसा हो सकता है। शिकायत के बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
देहरादून रोड स्थित महानगर का ढमोला नदी पुल अहम है। इस पुल की एसएएम इंटर कॉलेज की तरफ की फुटपाथ टूटकर पूरी तरह गायब हो चुकी और रेलिंग भी नहीं है। इस पुल से पैदल ही चार स्कूलों के छात्र सफर करते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में नागरिक भी निकलते हैं। फुटपाथ टूटी होने की वजह से इनको पुल की सड़क पर चलना पड़ता है, जबकि पीछे और सामने हल्के भारी वाहन गुजरते हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
कर चुके शिकायत, नहीं हुई सुनवाई
एसएएम इंटर कॉलेज के अध्यापक बृजेश पुंडीर का कहना है कि उच्चाधिकारियों से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन पुल को ठीक नहीं कराया गया है। यहां पर छात्रों और नागरिकों की जिंदगी हर समय खतरे में रहती है। कई बार हादसे भी हो चुके हैं।
छोटे पुल पर रेहड़ी चालकों का कब्जा
ढमोला नदी के बराबर में छोटा पुल है। इस पुल की रेलिंग भी टूटी है। ऐसे में कोई भी वाहन या व्यक्ति ढमोला नदी में गिर सकता है। पुल की दूसरी तरफ रेहड़ी चालकों ने कब्जा कर रखा है। इसलिए यहां भी पैदल चलने की जगह नहीं बची है।
हो चुके हादसे
- पुल के जनकनगर मोड़ पर सवारियों से भरी ई-रिक्शा पलटकर गड्ढे में गिरी
- ढमोला नदी में ट्रक नीचे गिरा, चालक की जान बाल-बाल बची
- रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्राॅली छोटे पुल पर पातालनगर की तरफ पलटी
- कई बार वाहनों की चपेट में आकर पैदल चलने वाले लोग चोटिल हुए
महानगर में स्मार्ट सिटी के तहत कार्य चल रहा है। पुल पर कुछ कार्य स्मार्ट सिटी योजना के जरिए होने हैं, जो कार्य उनके विभाग हैं, वह पुल पर कराकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
-धर्मेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग