फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: संभलकर चलिए, बेगमपुल से मोदीपुरम तक सड़क में खतरनाक गड्ढे

विज्ञापन
मेरठ-----रूड़की रोड की सोफोपुर सडुक मे गडडे-----नीटू
विज्ञापन
मेरठ। अगर आप बेगमपुल से रुड़की रोड पर अपने दो पहिया या चौपहिया हलके वाहन से जाना चाहते हैं तो वाहन संभलकर चलाएं, क्योंकि बेगमपुल से मोदीपुरम तक फ्लाईओवर तक सड़क में जगह-जगह खतरनाक गड्ढे हैं। कई स्थानों पर तो सड़क गड्ढों में ही खो गई है। ये हालात जानलेवा बने हुए हैं। रेपिड रेल मार्ग निर्माण के कार्य के बाद सड़क पर जगह-जगह लेपन भी किया गया, लेकिन बेतरतीब तरीके से। इस कारण सड़कों की यह दुर्दशा हो गई।
विज्ञापन

अमर उजाला ने बेगमपुल से मोदीपुरम फ्लाईओवर तक सड़क के दोनों ओर गड्ढों की गिनती की तो 61 गहरे गड्ढे पाए गए। बेगमपुल गांधीबाग से मोदीपुरम जाते समय सबसे पहले गड्ढे कंपनी बाग के टैंक चौराहा पर ही मिलेंगे। इसके आगे कंकरखेड़ा की तरफ जाने वाले मार्ग को जोड़ने वाले मोड़ पर सड़क पूरी तरह गड्ढे में तब्दील हैं। हालांकि बुधवार को इस गड्ढे को मिट्टी व निर्माण सामग्री डालकर भरने का काम किया गया। थोड़ा आगे चलेंगे तो जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। सोफीपुर के गेट के सामने अनगिनत गड्ढे हैं। इसके बाद कृष्णानगर डोरली में नाले की पुलिया क्रॉस करके मोदीपुरम फ्लाईओवर तक सड़क के गड्ढे जानलेवा हैं। कुल मिलाकर 36 स्थानों पर गड्ढे हैं। दूसरी ओर, अगर आप मोदीपुरम से बेगमपुल की तरफ आ रहे हैं सबसे अधिक डोरली नाले से पहले कई स्थानों पर गड्ढे गाड़ी के ब्रेक लगाने को मजबूर करेंगे। सौफीपुर गेट से शिव मंदिर तक सड़क गड्ढों में खो गई है। इससे आगे लेखानगर के सामने कुछ ही समय पहले एनसीआरटीसी ने सड़क बनाने का काम किया, जो अब गड्ढों मेंं तब्दील है। गांधीबाग टैंक चौराहा पर कई बड़े गड्ढे हैं। मार्ग पर इस ओर 25 गड्ढे मिले। जब इन गड्ढों से दर्द झेलने वाले लोगों से बात की गई तो सभी एनसीआरटीसी को कोसते नजर आए।

- जब से रेपिड का काम शुरू हुआ है, तभी से सड़कें टूटी हैं। गांधी बाग से कंकरखेड़ा की तरफ मुड़ते ही टूटी सड़क पर लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। - सुदेश राणा, डिफेंस एंक्लेव।
विज्ञापन

- मोदीपुरम से शहर आते हैं तो पहले सोचना पड़ता है। क्योंकि सड़कों में इतने गहरे गड्ढे हैं जो कभी भी दुर्घटना का शिकार बना सकते हैं। - रमेश पुंडीर, सेवानिवृत्त सेना, रोशनी कुंज।
- सौफीपुर गांव का मुख्य द्वार है और मंदिर भी है। यहां पर सड़क के गहरे गड्ढों में प्रतिदिन कोई न कोई गिरकर घायल होता रहता है। महेन्द्र भारती, पूर्व पार्षद, सौफीपुर।
- बेगमपुल से रुड़की रोड पर ही नहीं बल्कि रैपिड रेल मार्ग जैसे दिल्ली रोड वाहन चलाना दुभर है। कहीं गड्ढे हैं तो कहीं निर्माण सामग्री से सड़क उबडखाबड है। परविन्दर सिरोही।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें