फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: बीसीए छात्र से मारपीट, कान का पर्दा फटा, भाकियू का जमकर हंगामा

विज्ञापन
विज्ञापन
खबर जहांगीराबाद बुलंदशहर के लिए भी
विज्ञापन

-
- चार जिलों के भाकियू कार्यकर्ता गंगानगर थाने में धरने पर बैठे, दो सिपाहियों को निलंबित करने का आश्वासन
- जहांगीराबाद निवासी छात्र गंगानगर के निजी विश्वविद्यालय से कर रहा बीसीए
- फोटो भी
संवाद न्यूज एजेंसी

गंगानगर। बुलंदशहर निवासी बीसीए के छात्र अभिषेक के साथ मारपीट के मामले में भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं ने गंगानगर थाने पर धरना दिया। आरोप है सिपाही द्वारा की गई मारपीट में अभिषेक के कान का पर्दा फट गया। पुलिसकर्मियों ने उससे दो हजार रुपये भी मांगे। धरने पर पहुंचे बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ, मुजफ्फरनगर के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। भट्ठी चलाकर खाना बनाया। पुलिस अधिकारियों द्वारा दोनों सिपाहियों को निलंबित कर विभागीय जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद छह घंटे में धरना समाप्त किया।

गंगानगर थाने पर मंगलवार दोपहर 12 बजे भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ता पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने तिरपाल बिछाकर धरना देना शुरू कर दिया। भाकियू के प्रदेश मुख्य महासचिव गुड्डू प्रधान के मुताबिक, जिला बुलंदशहर के जहांगीराबाद कस्बा निवासी उनका भतीजा अभिषेक आईआईएमटी यूनिवर्सिटी गंगानगर में बीसीए का छात्र है और बाहर रूम लेकर रह रहा है। 16 मई की रात में सिपाहियों ने अभिषेक व उसके दोस्तों के साथ मारपीट की। सिपाही अमित यादव द्वारा थप्पड़ मारने से उसके कान का पर्दा फट गया। आरोप है मेडिकल जांच में इसकी पुष्टि हुई तो सिपाहियों ने अभिषेक को धमकाया अगर परिजनों को बताया तो झूठा मुकदमा लगाकर जेल भेज देंगे। कार्यकर्ताओं के मुताबिक इस मामले में 18 मई को गुड्डू प्रधान अन्य परिजनों के साथ गंगानगर थाना प्रभारी विनय कुमार से मिले।
विज्ञापन

कार्यकर्ताओं का आरोप है पुलिस ने सिपाहियों पर कार्रवाई नहीं की। इसी को लेकर धरना शुरू किया गया। मंगलवार दोपहर 12 बजे से शाम 6.30 तक धरना चला। भट्ठी चलाकर सब्जी पूड़ी बनाई। मौके पर परीक्षितगढ़, भावनपुर, मवाना थाने की पुलिस और अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया। मौके पर एसपी क्राइम अवनीश कुमार भी पहुंचे। 11 सदस्य समिति ने एसपी क्राइम से वार्ता की। पुलिस अधिकारियों ने दोनों सिपाही अमित यादव और तेज बहादुर को निलंबित करने और विभागीय जांच करने का आश्वासन दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त हुआ। धरने की अध्यक्षता कर रहे सरदार हरपाल सिंह व विजयपाल घोपला ने चेतावनी दी अगर जांच ठीक से नहीं हुई तो दोबारा धरना शुरू करेंगे। धरने के दौरान मुख्य रूप से हापुड़ जिलाध्यक्ष जीते चौहान, लोकेश सिवाच, बबलू जटौली, गजेंद्र दबथुआ, राजीव गुर्जर, विनोद, दीपक, गुलवीर और सचिन नयागांव आदि शामिल रहे।
सीओ पंकज लवानिया का कहना है दोनों पक्षों में कार टकराने को लेकर विवाद हुआ था। छात्र पक्ष की तहरीर पर जांच की जा रही है। वहीं सिपाहियों से भी स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
विज्ञापन


ये हुई थी घटना
करीब एक माह पूर्व अभिषेक के कमरे में दोस्त नशे में आए और अभद्रता कर दी। उसने डायल-112 को बुलाया। गंगानगर थाने की फेंटम पहुंच गई। पुलिस अभिषेक और तीन दोस्तों को थाने ले आई। परिजनों का आरोप है कार्रवाई के नाम पर फेंटम पर सवार पुलिसकर्मियों ने दो हजार रुपये मांगे। अभिषेक ने एक हजार रुपये दे दिए, हालांकि रात में ही समझौता हो गया और पुलिस ने तीनों आरोपियों को छोड़ दिया। आरोप लगाया कि सिपाही ने शराब के लिए रुपये मांगे। अब बीते 16 मई की रात में अभिषेक अपने दोस्तों के साथ कार से घूम रहा था। कार की साइड सिपाही की कार में लग गई। अभिषेक और उसके दोस्त फरार हो गए। सिपाही ने पीछा कर गंगानगर थाने के पास कार रोक ली। वहां सिपाही ने अभिषेक और उसके दोस्तों के साथ मारपीट की। उसी दौरान थप्पड़ मारने से अभिषेक के कान का पर्दा फट गया। जिला अस्पताल में हुई मेडिकल जांच में पुष्टि हुई। आरोप है सिपाही अभिषेक को एप्सनोवा अस्पताल ले गए और वहां भी जांच कराई। वहां डॉक्टरों ने पर्दा फटा होना बताया। परिजनों का आरोप है सिपाहियाें ने उसे धमकाया अगर किसी को घटना के बारे में बताया तो झूठा मुकदमा लगाकर जेल भेज देंगे। दो दिन बाद अभिषेक ने अंकल गुड्डू प्रधान को बताया। उसके बाद परिजन गंगानगर थाने पर इंस्पेक्टर से मिले।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें