आभा मानव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में भक्त अजामिल की कथा सुनाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गंगानगर। मवाना सड़क आभा मानव मंदिर वरिष्ठ नागरिक सेवा सदन श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास आचार्य पंडित विनय शास्त्री ने भक्त अजामिल की कथा सुनाई। उन्होंने कहा नियम से काम करोगे तो सफल हो जाओगे। भगवान राम के वनवास जाने पर भरत ने घर त्याग दिया था और तपस्वी का जीवन जिया था इसी प्रकार इस शरीर को तुम जैसी आदत डालोगे वह वैसा ही ढलता चला जाता है। कथा व्यास ने बताया गौ दर्शन, पूजन, ग्रास यह तीनों ही श्रेष्ठ हैं। राजा चित्रकेतु को पुत्र की मृत्यु के बाद ज्ञान हुआ कि संसार असार है। किसी के चले जाने पर रोना कोई समाधान नहीं है जो मर गया है वह लौटकर नहीं आएगा। हिरण्यकश्यप वध एवं भक्त प्रह्लाद की कथा प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया गया। हिरण्यकश्यप ने जब भक्त प्रह्लाद से पूछा कि तुम्हारा भगवान कहां है तो प्रह्लाद ने कहा तुम में मुझ में और खड्ग खंभ में, सब में है भगवान ।