जांच पूरी होने तक दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मानदेय पर रोक
रोहटा। पोषाहार वितरण में धांधली का आरोप लगा धरने पर बैठे अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने मंगलवार को अधिकारियों के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया है। मामले में बाल विकास परियोजना अधिकारी ने जांच पूरी होने तक रसूलपुर मढ़ी की दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय पर रोक लगा दी है। साथ ही जांच में दोषी पाए जाने पर सेवा समाप्ति की बात भी कही गई है।
धरने पर बैठे ग्राम प्रधानों का आरोप है कि गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समय पर पोषाहार का वितरण नहीं करती। रसूलपुर मढ़ी के प्रधान दीपक कुमार ने तीन माह से गांव में पोषाहार व पोषक तत्वों का वितरण नहीं करने का आरोप लगाया है। ग्राम प्रधानों ने कमिश्नर व जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में प्रधानों ने राशन डीलर व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सप्ताह में एक बार पंचायत कार्यालय पर उपस्थित होना, राशन के उठान व स्टॉक पर प्रधान के हस्ताक्षर, प्रधान को राशन डीलर व आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण का अधिकार, राशन व पोषाहार वितरण प्रधानों की मौजूदगी में कराए जाने की मांग की। वहीं, बाल विकास परियोजना अधिकारी ने पत्र जारी करते हुए मामले की जांच पूरी होने तक रसूलपुर मढ़ी की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी व इंद्रेश के मानदेय पर रोक लगाई है। जांच में दोषी पाए जाने पर सेवा समाप्ति की बात कही। जिला परियोजना अधिकारी विनीत कुमार सिंह, आपूर्ति निरीक्षक दिव्या, कानूनगो नरेश कुमार व प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष मनोज राणा ने जांच और कार्रवाई के आश्वासन पर धरना समाप्त कराया। इस दौरान विजेंद्र सिंह, नजाकत, अमरीश त्यागी, सुभाष, कुलदीप हुड्डा, लोकेश राठी, अरुण कुमार, कपिल मीरपुर, सतीश कुमार, विरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।