बागपत जनपद के पाली गांव में 25 साल पहले घर में घुसकर महिला से मारपीट करने के मुकदमे में न्यायाधीश ने आईटीबीपी के सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर, दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त एएसआई और जल बोर्ड के कर्मचारी को तीन-तीन साल की सजा सुना दी। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
अभियोजन अधिकारी आशीष वर्मा ने बताया कि 25 दिसंबर 1998 को पाली गांव के रहने वाले हरदास ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें हरदास ने बताया कि उसका परिवार मकान में सोया हुआ था, तभी रात में उसकी पुत्रवधू सरोज पर गांव के फूलदास, गरीबे और राजकुमार उर्फ राजू ने घर में घुसकर तबल और लाठी डंडों से हमला कर घायल कर दिया।
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इसके बाद लोगों के आने पर हमलावर जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया और आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल कुमार सिंह के न्यायालय में हुई।
इसमें सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने फूलदास, गरीबे और राजकुमार उर्फ राजू पर दोषसिद्ध करते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड लगाया, जिसे अदा नहीं करने पर दस दिन की सजा बढ़ाने के आदेश दिए। बताया कि फूलदास आइटीबीपी के सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर है तो गरीबदास दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त एएसआई और राजकुमार जलबोर्ड का कर्मचारी है।