कर्मचारियों में मचा हड़कंप
जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में जूनियर लिपिक के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद कार्यालय में तैनात अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा। कर्मचारी संदिग्ध फाइलों को इधर-उधर ले जाते नजर आए।
कार्यालय बंद कर जाने की तैयारी में थे कर्मचारी
जूनियर लिपिक के पकड़े जाने के बाद कार्यालय में तैनात कर्मचारी दफ्तर बंद कर जाने की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने एक पोस्टर तैयार किया। जिस पर लिखा था कि समस्त स्टाफ राजकीय कार्य से बाहर गया हुआ है। कृपया एक घंटे बाद संपर्क करने का कष्ट करें। इस पोस्टर को कार्यालय के गेट पर लगाना था, लेकिन इससे पहले ही एंटी करप्शन टीम के अधिकारी कार्यालय में पहुंच गए। पीड़ित व्यापारी की फाइल को कब्जे में ले लिया।
ऋण लेने के लिए नहीं लगता कोई खर्च
केंद्र सरकार ने छोटे उद्यम शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना अप्रैल 2015 में शुरू की। इसमें कारोबारी को छोटी रकम का लोन दिया जाता है। इसका उद्देश्य स्वरोजगार के लिए आसानी से लोन देना और छोटे उद्यमों के जरिये रोजगार का सृजन करना है। योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन करने में कोई खर्च नहीं लगता।
सैकड़ों लोगों से ले चुका है लाखों की रिश्वत
जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र कार्यालय के बाहर खड़े कुछ लोगों ने बताया कि आरोपी जूनियर लिपिक सगीर खान सैकड़ों लोगों से ऋण स्वीकृत कराने के नाम पर लाखों की रिश्वत ले चुका है। कई लोग को रिश्वत लेने के बाद भी ऋण नहीं दिलाया।
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