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यूपी: रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया जूनियर लिपिक, अब कोर्ट में किया जाएगा पेश

Thu, 14 Mar 2019 08:33 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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आरोपी का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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एंटी करप्शन विभाग (भ्रष्टाचार निरोधक दस्ता) मेरठ की टीम ने तहसील स्थित जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र कार्यालय में कार्यरत जूनियर लिपिक को पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। उसने अग्रवाल मंडी टटीरी के व्यापारी से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में दस लाख रुपए का ऋण स्वीकृत कराने की एवज में रिश्वत ली। एंटी करप्शन टीम ने लिपिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।

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एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी व्यापारी संदीप कुमार जैन पुत्र पदम सेन जैन ने तहसील में स्थित जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र कार्यालय बागपत में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपए ऋण के लिए आवेदन किया। कार्यालय में तैनात जूनियर लिपिक सगीर खान पुत्र शब्बीर निवासी कुतुबपुर थाना शिकारपुर जनपद बुलंदशहर ने ऋण स्वीकृत कराने की एवज में पांच हजार रुपए की रिश्वत मांगी। व्यापारी ने एंटी करप्शन विभाग मेरठ में मामले की शिकायत की। गुरुवार को एंटी करप्शन विभाग की टीम ने व्यापारी को पाउडर लगे पांच हजार रुपए दिए। जैसे ही व्यापारी ने तहसील पहुंचकर जूनियर लिपिक को पांच हजार रुपए दिए, एंटी करप्शन टीम ने जूनियर लिपिक को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया और उसे कोतवाली ले गई। पानी से उसके हाथ धुलवाए गए तो पानी गुलाबी हो गया। टीम प्रभारी अरविंद कुमार ने लिपिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। लिपिक से मिली धनराशि व गुलाबी पानी को सील कर दिया। उन्होंने बताया कि आरोपी को एंटी करप्शन कोर्ट मेरठ में पेश किया जाएगा। 

मामले की जानकारी नहीं : उपायुक्त
जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र बागपत के उपायुक्त उद्योग हिमांशु गंगवार ने बताया कि बीमारी के कारण वे छुट्टी पर हैं। जूनियर लिपिक के रिश्वत लेने की उन्हें जानकारी नहीं है। जांच कराकर लिपिक के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।

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कर्मचारियों में मचा हड़कंप
जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में जूनियर लिपिक के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद कार्यालय में तैनात अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा। कर्मचारी संदिग्ध फाइलों को इधर-उधर ले जाते नजर आए। 

कार्यालय बंद कर जाने की तैयारी में थे कर्मचारी
जूनियर लिपिक के पकड़े जाने के बाद कार्यालय में तैनात कर्मचारी दफ्तर बंद कर जाने की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने एक पोस्टर तैयार किया। जिस पर लिखा था कि समस्त स्टाफ राजकीय कार्य से बाहर गया हुआ है। कृपया एक घंटे बाद संपर्क करने का कष्ट करें। इस पोस्टर को कार्यालय के गेट पर लगाना था, लेकिन इससे पहले ही एंटी करप्शन टीम के अधिकारी कार्यालय में पहुंच गए। पीड़ित व्यापारी की फाइल को कब्जे में ले लिया।

ऋण लेने के लिए नहीं लगता कोई खर्च
केंद्र सरकार ने छोटे उद्यम शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना अप्रैल 2015 में शुरू की। इसमें कारोबारी को छोटी रकम का लोन दिया जाता है। इसका उद्देश्य स्वरोजगार के लिए आसानी से लोन देना और छोटे उद्यमों के जरिये रोजगार का सृजन करना है। योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन करने में कोई खर्च नहीं लगता।

सैकड़ों लोगों से ले चुका है लाखों की रिश्वत
जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र कार्यालय के बाहर खड़े कुछ लोगों ने बताया कि आरोपी जूनियर लिपिक सगीर खान सैकड़ों लोगों से ऋण स्वीकृत कराने के नाम पर लाखों की रिश्वत ले चुका है। कई लोग को रिश्वत लेने के बाद भी ऋण नहीं दिलाया।

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