जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने टीकरी गांव के किसान लाल बहादुर के हत्यारे हिस्ट्रीशीटर मोनू जाट निवासी रोहटा जिला मेरठ और उसके साथी नितिन निवासी टीकरी को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 35-35 हजार रुपये अर्थदंड लगाया, जिसे अदा नहीं करने पर एक साल की सजा बढ़ाई जाएगी।
टीकरी कस्बा निवासी सविता देवी ने 25 सितंबर 2016 को दोघट थाने में हिस्ट्रीशीटर मोनू जाट और नितिन समेत एक अज्ञात के खिलाफ पति किसान लालबहादुर की हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि सुबह के समय उसके पति लाल बहादुर सिंह खेत में जाने की तैयारी कर रहे थे। तभी बाइक पर सवार होकर पहुंचे तीन बदमाशों ने मकान के बाहर खड़े होकर उनको आवाज लगाई, जैसे ही किसान लाल बहादुर ने मकान का दरवाजा खोला तो तीनों बदमाश गाली देते हुए बोले, तू बहुत फैसले कराता है। इसके बाद गोलियां मारकर हत्या कर दी।
बदमाशों ने उसके पति को 17 गोली मारीं। गोलियों की आवाज सुनकर अपनी बेटी स्वाति के साथ उस तरफ दौड़ी तो बदमाश हवाई फायरिंग करते हुए भाग गए। इसके कुछ दिन बाद मोनू रोहटा और उसका साथी नितिन सोनीपत में हथियारों के साथ गिरफ्तार हो गए थे। पुलिस ने न्यायालय में दोनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया। हत्यारोपी मोनू रोहटा इस समय मुजफ्फरनगर जेल और नितिन उन्नाव जेल में बंद है।
इस मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही थी, जिसमें अभियोजन पक्ष ने 9 गवाह पेश किए। सुनवाई पूरी होने पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने मोनू और नितिन पर दोष सिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 35-35 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
दो सप्ताह के अंदर दूसरी हत्या से दहल गया था टीकरी
बागपत के टीकरी कस्बे में किसान लाल बहादुर की हत्या से 12 दिन पहले बाजार में विवेक की हत्या की गई थी। उसके परिजनों ने पुरानी रंजिश में हत्याकांड को अंजाम देने का आरोप लगाते हुए नितिन, बिट्टू, राहुल, राजीव व संजीव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस की जांच में मोनू जाट निवासी रोहटा का नाम प्रकाश में आया था। इसके अलावा रोहटा में शीशपाल, चमड़ा व्यापारी सुरेश की हत्या में भी वांछित चल रहा था। जिसके चलते मोनू पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।
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