आरोप है कि तालाब की खोदाई करने पर निकली सूखी मिट्टी से ग्रामीणों के खाली प्लाटों का भराव करा दिया गया। तालाब की सफाई भी अच्छे से नहीं की गई। मलबा तालाब में ही दबा दिया गया।
डीएम ने डीडीओ व एक्सईएन लघु सिंचाई को मामले में जांच करके कार्रवाई करने का आदेश दिया। इसपर डीडीओ अखिलेश चौबे ने लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता को तालाब की खोदाई संबंधी समस्त रिकार्ड लेकर 10 मार्च को ट्योढी गांव में मौके पर रहने के निर्देश दिया हैं। जांच में आरोप सही मिले तो संबंधित अधिकारी तथा ठेकेदार पर कार्रवाई होगी।
मिट्टी बेचने के पहले भी लग चुके आरोप
तालाबों की खोदाई में सरकार की तरफ से लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं और उसमें से निकलने वाली मिट्टी को बेच दिया जाता है। इस तरह के आरोप पहले भी ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों पर लग चुके हैं। मगर, जांच के नाम पर हर बार मामले को दबा दिया जाता है। इस बार डीएम ने सख्ती दिखाई है और मामले में जांच करके रिपोर्ट जल्द देने के लिए कहा गया है।