कथा स्थल पर आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य संयोजक नीरज मित्तल और राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि जब भी सनातनियों पर संकट आता है तो कोई न कोई अवतार पुरुष जरूर आता है। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री सनातन संस्कृति को हर युवा के दिल में पहुंचाने का बड़ा काम कर रहे हैं। वे यहां क्रांति की धरा पर शांति की अलख जगाएंगे।
उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर हनुमान जी की कथा होती है, वहां का वातावरण दिव्य हो जाता है। वह दो बार धाम में हनुमंत कथा सुन चुके हैं। नीरज मित्तल ने बताया कि पंडाल में सीता राम कक्ष, जामवंत कक्ष और अंगद कक्ष बनाए गए हैं। 20 एलईडी टीवी, गर्मी को देखते हुए कूलर और पंखे, निशुल्क जल की व्यवस्था कुछ समाजसेवी संगठनों की ओर से की गई है।
मित्तल ने बताया कि सीसी कैमरों से पूरे कथा स्थल पर नजर रखी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अलावा एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था की गई है। इनके अलावा 150 सिविल डिफेंस के लोग, 100 बाउंसर सहित अन्य सेवादार निगरानी करेंगे।
बदल रही सूरत
जागृति विहार एक्सटेंशन में आयोजित की जा रही इस कथा से इस योजना की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। आयोजकों का दावा है कि यहां करीब पांच लाख लोग पहुंचेंगे। ऐसे में पंडाल लगाने के साथ ही दिन-रात तैयारियां चल रही हैं। कथा के साथ ही योजना में विकास कार्य भी तेजी से हो रहे हैं। अब यहां काफी संख्या में आवंटी रहने लगे हैं। यहां बनाए गए 32 मीटर, 57 मीटर, 64 मीटर के फ्लैट में भी रिहाइश हो रही है। कथा शुरू होने के कारण साफ-सफाई, सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट आदि को दुरुस्त किया जा रहा है। आवंटियों का कहना है कि हनुमंत कथा के कारण ही यह काम कराए जा रहे हैं।