त्योहारी सीजन में बाजारों को जाम से बचाने के लिए बनाया गया डायवर्जन प्लान बृहस्पतिवार को लागू होने के पहले ही दिन धड़ाम हो गया। प्रतिबंध के बावजूद शहर के मुख्य बाजारों में भारी और चार पहिया वाहन खूब चले। बाजारों में पहले से ही जबर्दस्त भीड़ थी, ऐसे में दिन भर जाम के हालात बने रहे। अमर उजाला ने सुबह 10:30 बजे शाम चार बजे तक शहर के विभिन्न बाजारों का दौरा कर व्यवस्था परखी।
खैर नगर, वैली बाजार
दोनों बाजारों में जबर्दस्त भीड़ थी। खैरनगर स्थित दवा मार्केट में बेतरतीब खड़े दोपहिया वाहनों, ई-रिक्शा और रिक्शा से जाम लगा था। थोड़ा आगे वैली बाजार में लोग फैमिली संग शॉपिंग कर रहे थे। लेकिन यहां भी ई-रिक्शा, ठेले वालों और दुपहिया वाहनों की वजह से निकलने तक को जगह नहीं थी। जबकि डायवर्जन प्लान के अनुसार यहां बृहस्पतिवार से सभी तरह के वाहनाें का संचालन प्रतिबंधित होना था।
बेगमपुल-आबूलेन
यहां सुबह से ही भीड़ रही। लेकिन यहां वाहनों को आने-जाने से नहीं रोका जा रहा था। शाम पांच बजे के बाद यहां भीड़ बढ़ गई। नौकरी पेशा लोग भी फैमिली के साथ अपनी कार से शॉपिंग को पहुंचने लगे। जिससे यहां जाम की स्थिति बन गई। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस कुछ सक्रिय हुई और शाम छह बजे आबूलेन मार्केट में बेगमपुल और सदर बाजार से आने वाले वाहन रोके गए। डायवर्जन प्लान के अनुसार इस यहां चौपहिया वाहन पूरी तरह प्रतिबंधित किए गए थे।
सदर बाजार, सराफा, बांबे बाजार
सदर बाजार में दोपहर से शाम तक भीड़ और वाहनों का ऐसा दबाव बढ़ा कि पैदल निकलने तक को जगह नहीं थी। भारी वाहनों और चार पहिया वाहनों की एंट्री न रोकने की वजह से सदर के अलावा सदर सराफा और बांबे बाजार भी जाम की चपेट में रहे। कुछ लोगों की तो वाहन चालकों से कहासुनी भी हुई। डायवर्जन प्लान के अनुसार यहां भी चार पहिया वाहनों को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाना था।
शारदा रोड
मार्केट में जबर्दस्त भीड़ थी। चौपहिया वाहन भी खूब चल रहे थे। शार्टकट के चलते लोग अपने चौपहिया वाहन और आटो, ई रिक्शा वाले भी बाजार से निकल रहे थे। शाम को यहां पैदल निकलना भी दुश्वार हो रहा था।