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जो हमारे खून का प्यासा, उससे कैसे दोस्ती : योगेश

Fri, 28 Oct 2016 02:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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 योगेश भदौड़ा और उसकी पत्नी सुमन की हत्या की साजिश का भंडाफोड़ होने के बाद योगेश भदौड़ा और ऊधम गैंग के बीच गैंगवार की आहट होने लगी है। बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा में बागपत कोर्ट में पेशी पर आए योगेश भदौड़ा ने ऊधम सिंह का नाम लेकर तल्ख लहजे में कहा कि जो हमारे खून के प्यासा हो, उससे दोस्ती का क्या मतलब।
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गौरतलब है कि बुधवार को एसटीएफ ने कचहरी से ऊधम गैंग के दो शूटरों को गिरफ्तार किया था। एसटीएफ के अनुसार पूछताछ में इन शूटरोें ने बताया था कि वे पेशी पर आने वाले योगेश और उसकी पत्नी की हत्या करने आए थे। मौके से तीन शूटर फरार हो गए थे। एसटीएफ ने जहां बड़ी घटना होने से बचा ली तो इस खुलासे के बाद लंबे समय से ऊधम और योगेश के बीच लगाई जा रही दोस्ती की अटकलों पर बृहस्पतिवार को खुद योगेश ने विराम लगा दिया।
बृहस्पतिवार को योगेश भदौड़ा की बागपत कोर्ट में बड़ौत की पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनीता बरखा के ससुर बीरबल निवासी वाजिदपुर की हत्या के केस में एडीजे कोर्ट में पेशी हुई। पेशी से लौटने के बाद योगेश ने मीडियाकर्मियों से कहा कि कुख्यात ऊधमसिंह का क्या इरादा था, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं थी। ऊधम से दोस्ती के सवाल पर साफ कहा कि उससे कोई दोस्ती नहीं है। उससे दोस्ती हो भी नहीं सकती। जो आदमी हमारे खून का प्यासा हो, उससे दोस्ती का क्या मतलब। इस बारे में आगे देखा जाएगा। जान के खतरे के सवाल पर कहा कि ऐसा तो चलता रहता है। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
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फरार आरोपियों की तलाश
सिविल लाइन पुलिस ने बृहस्पतिवार को ऊधम के शूटर अमित उर्फ अर्जुन निवासी किवाना शामली और सोहनवीर उर्फ भंडारी निवासी करनावल सरूरपुर को जेल भेजा। दोनों शूटरों को एक लाख की सुपारी देने व हथियार उपलब्ध कराने वाले जली कोठी निवासी तीनों भाई नियामत, इनाम और बाबर की तलाश में एसटीएफ ने कई जगहों पर दबिश दी, लेकिन सुराग नहीं लगा।
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