अपने आगमन से एक दिन पहले ही जमकर बरसे सावन से सड़कें समुद्र सरीखी तो गलियां नदियां बन गईं। इंद्र देव भी कुछ इस कदर मेहरबान हुए कि बारिश ने 32 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। बृहस्पतिवार देर रात से शुक्रवार दोपहर तक बदरा जमकर बरसे। जनजीवन भी अस्तव्यस्त होकर रह गया। मौसम कार्यालय पर बारिश 146.8 मिमी रिकॉर्ड की गई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार आगामी 48 घंटों में मानसून सक्रिय रहेगा।
बीते तीन दिनों से रही बारिश ने लोगों को गर्मी से तो राहत दिला दी। लेकिन जलभराव से अब समस्याएं खड़ी होने लगी हैं। शुक्रवार को तो झमाझम बारिश से लोगों को घरों में कैद रहना पड़ा। हालात यह थे कि शहर के अधिकांश हिस्से टापू में बदल गए। चारों तरफ दूर तक पानी ही पानी दिखा। हाईवे पर भी वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। लेकिन तापमान सामान्य से नीचे आ गया। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री व न्यूनतम तापमान तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 100 व न्यूनतम 98 प्रतिशत दर्ज की गई।
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष का कहना है कि अभी मानसूनी सिस्टम से बारिश का असर बना रहेगा। तीन दशक में जुलाई माह में सबसे अधिक 372 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश का असर अगले 48 घंटे तक रहेगा।
32 साल में जुलाई माह में हुई बारिश
वर्ष मिमी
1987 305
1988 175.6
1989 220.8
1990 210.7
1991 163.7
1992 127.3
1993 305.5
1994 339
1995 70.6
1996 192.6
1997 208.6
1998 360.8
1999 215.5
2000 347.0
2001 179.3
2002 93.0
2003 57.0
2004 100.0
2005 276.7
2006 216.0
2007 96.5
2008 177.0
2009 260.1
2010 360
2011 264.8
2012 139.8
2013 174.6
2014 175.5
2015 164.3
2016 323.1
2017 156.2
2018 372
(आंकडे़ आईआईएफएसआर मोदीपुरम से)
टर्फ है इसका कारण
मानसून की एक टर्फ मेरठ से होते हुए हिसार, गंगानगर और वेस्ट यूपी में बनी हुई है, जिस कारण से यहां अच्छी बारिश हो रही है। अभी तक हुई बारिश रिकॉर्ड तोड़ रही है। अंतिम दिनों में भी बारिश का असर बना रहेगा। आगामी 48 घंटे तक भारी बारिश का अलर्ट जारी है। -डॉ. यूपी शाही, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विवि