वहीं इस दौरान अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों में खलबली मची रही। उनके साथ जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. पीके बंसल, कार्यवाहक सीएमओ डॉ. एसके शर्मा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पूजा शर्मा, डॉ. कौशिक और डॉ. अशोक अग्रवाल आदि रहे। आयुष्मान भारत के तहत मेरठ में 33 अस्पताल शामिल हैं, जिनमें छह सरकारी और 27 निजी चिकित्सालय हैं।
दो चिकित्सक मिले गैर हाजिर
डीएम के निरीक्षण के दौरान दो चिकित्सक गैर हाजिर मिले, जिनके खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम ने अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीके बंसल को निर्देशित किया। डॉ. पीके बंसल ने बताया कि एक चिकित्सक लंबे समय से नहीं आ रहे हैं, वह सरकारी प्रैक्टिस ही छोड़ने वाले हैं।
केएमसी अस्पताल भी गए डीएम
आयुष्मान भारत के तहत एक निजी अस्पताल के निरीक्षण के मद्देनजर डीएम केएमसी अस्पताल भी गए। वहां करीब एक घंटा रहे। उन्होंने वहां पूछताछ की। वहां अब तक 13 लोगों को आयुष्मान के तहत इलाज मिल चुका है। इस संबंध में डीएम ने केएमसी चेयरमैन डॉ. सुनील गुप्ता से वार्ता की।
साहब! पांच दिन से भर्ती हैं, एक भी दिन नहीं मिला खाना
डीएम दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। वे यहां करीब डेढ़ घंटा रहे और कई विभागों का निरीक्षण किया। औषधि भंडार, रेडियोलॉजी विभाग, पुरुष वार्ड और इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। पुरुष वार्ड में उन्होंने मरीजों से पूछा कि उन्हें खाना मिलता है या नहीं। इस पर जिला अस्पताल के जिम्मेदार बोले कि यहां मरीज अभी भर्ती हुए हैं, दूसरी जगह के मरीजों को मिल रहा है, दूसरे वार्ड में गए और वहां जाकर पूछा तो वहां भी एक भी मरीज ऐसा नहीं मिला, जिसे खाना मिल रहा हो। एक मरीज ने डीएम को बताया कि वह पांच दिन से यहां भर्ती है, लेकिन एक भी दिन खाना नहीं मिला। इस पर डीएम नाराज हुए। उन्होंने डाइट चार्ट पूछा तो वह भी नहीं मिला। हालांकि पैसे लेकर दवा देने के सवाल पर मरीजों ने कहा कि उनसे पैसे नहीं लिए गए हैं। उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई रखने की भी हिदायत दी।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/