अधिवक्ता फरहा फैज ने बताया कि इस मामले में आयशा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर करने के संबंध में अपील की गई थी। दो सितंबर को अपील को मंजूर कर लिया गया है। अब मामला सुप्रीम कोर्ट में चलेगा। जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार, राष्ट्रीय महिला आयोग, पंचायत में शामिल तीन पंच, पति सरफराज और जेठ सलीम को प्रतिवादी बनाया है। एक ही तारीख में तीन बार तलाक के शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कराकर तलाक दे दिया गया है। सिर्फ शपथ पत्र कोर्ट का आदेश नहीं माना जा सकता।
पति अब कर रहा है दूसरा निकाह
आयशा ने आरोप लगाया कि उसका पति सरफराज उससे कहता रहा है कि वह उसके साथ ही रहना चाहता है, वह किसी प्रकार उसे ले जाएगा। यहां तक कि उसने ही वकील के पास जाने के लिए कहा था, लेकिन अभी पता चला है कि गुरुवार को ही उसका दूसरा निकाह होने जा रहा है। उसने प्रशासन ने निकाह रुकवाने की मांग की है।
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आयशा से अब कोई संबंध नहीं : सरफराज
करीम नगर निवासी सरफराज से फोन पर इस बारे में बात की, तो उसका कहना है कि उसका कई माह पूर्व वैचारिक मतभेद के चलते आयशा से तलाक हो चुका है। कोर्ट में इसका फैसला भी हो चुका है। अब आयशा से उसका कोई संबंध नहीं रह गया है।
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