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यूपी में बिजली की बढ़ी दरों का चौतरफा विरोध, व्यापारी छह सितंबर को हर जिले में करेंगे प्रदर्शन

Wed, 04 Sep 2019 08:50 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
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नेताओं सहित सभी ने बढ़ी बिजली दरों का विरोध किया - फोटो : अमर उजाला
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बिजली दरों में 12 प्रतिशत बढ़ोतरी का शामली जिले में उपभोक्ताओं, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और शहरी, ग्रामीण उपभोक्ताओं द्वारा चौतरफा विरोध किया जा रहा है। बढ़ी विद्युत दरों के कारण आम उपभोक्ता पर तो बोझ बढ़ेगा ही। साथ ही किसानों, कॉमर्शियल और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर भी अधिक बोझ बढे़गा। बढ़ी विद्युत दरों के बिलों के विरोध में व्यापारी छह सितंबर को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।

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विद्युत दरें बढ़ाना व्यापारी का खुला उत्पीड़न
पहले से ही विद्युत दरें पड़ोसी राज्यों से अधिक हैं। विद्युत नियामक आयोग और प्रदेश सरकार ने विद्युत दरों में 10 प्रतिशत से लेकर 15 प्रतिशत तक की वृद्धि करके मंदी की मार झेल रहे व्यापारियों की कमर तोड़ने का काम किया है। ऐसे में विद्युत दरें बढ़ाने का निर्णय आम नागरिक व व्यापारी का खुला उत्पीड़न है। बिजली दरों में बढ़ोतरी के विरोध में व्यापारी छह सितंबर को अपने-अपने जिलों में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन डीएम को सौंपेंगे। - घनश्याम दास गर्ग - प्रदेश अध्यक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल।

यह भी पढ़ें: अमर उजाला की खास रिपोर्ट: स्मार्ट मीटर से बढ़े बिल, उपभोक्ताओं के बैठे दिल, सामने आए कई मामले
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दोगुने हो जाएंगे बिजली के मासिक बिल
प्रदेश सरकार द्वारा पिछले दो वर्षों में बिजली दरों को दो बार बढ़ाया जा चुका है। सपा सरकार में ग्रामीण क्षेत्र में घरेलू कनेक्शन का बिल 180 रुपये प्रतिमाह था, अब योगी सरकार ने बढ़ाकर एक किलोवॉट के कनेक्शन पर 500 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। गांवों में अधिकांश कनेक्शन दो किलोवॉट के हैं। अत: घरेलू बिजली का न्यूनतम बिल 1000 रुपये प्रति माह हो जाएगा। ट्यूबवेल के बिल जो पहले ही दो गुणा कर दिए गए थे, उन्हें भी इस बार 15 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। सरकार ने पिछले दो सालों में गन्ने के मूल्य केवल तीन प्रतिशत बढ़ाए हैं। अन्य फसलों के दाम बढ़ने के बजाय कम हुए हैं। नई बिजली दरों के लागू होने से किसान-मजदूरों की कमर टूट जाएगी, क्योंकि उनकी आमदनी का बड़ा हिस्सा बिजली के बिल भरने में जाएगा। - सपा के वरिष्ठ नेता व राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रोफेसर डॉक्टर सुधीर पंवार।

उद्यमियों की कमर टूट जाएगी
उद्योग मंदी के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे समय में प्रदेश सरकार द्वारा बिजली दरों में बढ़ोतरी से उद्यमियों की कमर टूट जाएगी। - अशोक मित्तल, चेयरमैन आईआईए शामली।

प्रदेश सरकार द्वारा बिजली दरों की बढ़ोतरी से उद्यमियों पर गलत प्रभाव पडे़गा। शामली औद्योगिक क्षेत्र से आठ करोड़ रुपये प्रति माह बिजली बिल दिया जाता है। 12 प्रतिशत बिजली दर बढ़ने से लाखों रुपये प्रतिमाह का नुकसान होगा। - अंकित गोयल, अध्यक्ष शामली इंडस्ट्रियल इस्टेट मेन्यू फैक्चरिंग एसोसियेशन शामली।

बिजली दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से किसानों की कमर टूट जाएगी। दो साल में बिजली दरों में बढ़ोतरी कई बार हुई है, लेकिन किसानों के गन्ने के दाम नहीं बढ़े हैं।  - सवित मलिक अध्यक्ष किसान यूनियन शामली।

आम नागरिकों की जेब पर डाका
मंहगी बिजली होने से प्रदेश के उद्योग दूसरे राज्यों में विस्थापित हो जाएंगे। जिससे आम नागरिकों को बेरोजगारी झेलनी पडे़गी। बिजली दरों में बढ़ोतरी आम नागरिकों, व्यापारियों, किसानों और मजदूरों की जेब पर डाका है। - हरेंद्र मलिक वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद।
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बिजली दरों में बढ़ोतरी का होगा विरोध
12 प्रतिशत विद्युत दरें बढ़ाने का विरोध किया जाएगा। आंदोलन चलाए जाने की भाकियू की जिम्मेदारी है। हरियाणा में नलकूप का बिजली का बिल सिर्फ 200 रुपये मासिक है। जबकि यूपी में बिजली का बिल 2500 रुपये मासिक किसान देने को मजबूर है। - चौधरी नरेश टिकैत, राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन।

जिले की मासिक वसूली पांच से छह करोड़ रुपया का होगा इजाफा
जिले के 2.28 लाख बिजली उपभोक्ताओं से 24 करोड़ रुपये की मासिक वसूली होती है। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा बिजली के मासिक बिलों में 12 प्रतिशत बढ़ोतरी के बाद शामली जिले की बिजली बिलों की मासिक वसूली 24 करोड़ रुपये से बढ़कर 29 और 30 करोड़ रुपये के करीब पहुंच जाएगी। मुख्यालय से पावर कॉरपोरेशन की ओर से मासिक बिजली के बिलों में बढ़ोतरी की अधिसूचना का पत्र अभी तक नहीं मिला है। - जेके पाल सिंह अधीक्षण अभियंता शामली जनपद।   

जिले में बिजली उपभोक्ता
1. शहरी और ग्रामीण उपभोक्ता    --- 2. 28 लाख उपभोक्ता।                                
2. जिले के उपभोक्ताओं से मासिक वसूली  --   24 करोड़ रुपये।
3. 12 प्रतिशत बढ़ोतरी के बाद मासिक वसूली का औसत   --  30 करोड़ रुपये।

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