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Audio Viral : रेलवे कर्मचारियों ने उगली सच्चाई, अधिकारी जानकर रह गए सन्न

Sun, 20 Aug 2017 05:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर, मेरठ
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मुजफ्फरनगर में रेल हादसा
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पुरी से हरिद्वार जाने वाली कलिंग उत्कल एक्सप्रेस शनिवार शाम खतौली में दुर्घनाग्रस्त हो गई। रातभर की कार्यवाही के बाद भी अधिकारी हादसे की सच्चाई से परे रहे, लेकिन रविवार सुबह होते ही एक ऑडियो वायरल हुआ जिसने ट्रेन हादसे की पूरी सच्चाई सामने ला दी। इस सच्चाई को जान उच्च अधिकारियों से लेकर मंत्री तक भी हैरान रह गए। चारों ओर से घिरे रेल मंत्री सुरेश प्रभु इस मामले में कितनी कड़ी कार्यवाई करेंगे। यह अब आगे देखना होगा।
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रेलवे के दो गैंगमैन और एक कर्मचारी की ऑडियो वायरल हुई है। जिसमें साफ कहा सुना जा सकता है कि रेलवे ने जबरदस्त तरीके से लापरवाही बरती, जिसके कारण हादसा हुआ। वायरल ऑडियो में गेटमैन और कर्मचारी के बीच बातचीत बताई जा रही है। बातचीत में कहा गया है कि ट्रैक पर मरम्मत के काम के लिए पटरियों को खोला गया था, लेकिन इसे ठीक नहीं किया जा सका। गेटमैन बता रहा है कि सुरक्षा के लिए न कोई सिग्नल दिया गया और न ही लाल झंडा लगाया गया। यह भी कहा गया कि पटरी पर काम करने वाले कर्मचारी लापरवाही बरतते हैं। ऑडियो में स्पष्ट कहा जा रहा कि झंडा तो लगाना चाहिए था ना। बोर्ड भी नहीं लगाया। बहुत बुरा हादसा हुआ है। यहां कभी भी इतना तगड़ा हादसा नहीं हुआ। इतनी लापरवाही की गई है। संस्पेंड क्या सब जेल जाएंगे। हरिद्वार से पूरी जाती है यह ट्रेन। एंबुलेंस और रोडवेज की लाइन लगी है। कर्मचारी ने बताया कि जैसे मेरे गेट से ट्रेन निकली तो मुझे कुछ आवाज आई कि कुछ गड़बड़ है। जब तक मै कुछ समझता तब तक तो हादसा हो गया। उसने बताया कि पेट्रोल‌िंग वाले गेट पर क्यों बैठते है। मै लगातार मना करता रहा, लेकिन वह नहीं मानते थे। 15 नंबर पुल के नीचे तो तीन दिन तक पटरी कटी रही, लेकिन भगवान भरोसे वहां कुछ नहीं हुआ। यहां भी पता नहीं कितने दिन से कटी होगी। इसका ये भी कहना है कि यहां नए जेई की नियुक्ति हुई है और पुराने कर्मचारी उनकी बात नहीं मानते हैं और मनमानी करते हैं। हालांकि, इस ऑडियो क्लिप की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

रेल मंत्री सुरेश प्रभु
उधर, रेल मंत्री सुरेश प्रभु काफी सख्त नजर आ रहे हैं। रेल हादसे के बाद चौतरफा हमलों से घिरे सुरेश प्रभु ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन (सीआरबी) को शाम तक जांच करके यह तय करने के लिए कहा है कि आखिर इस हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है ? वहीं दूसरी तरफ इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्वीट किया है कि बोर्ड के द्वारा की जा रही कार्यवाही में नरमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीआरबी को आज शाम तक प्रथम दृष्टया सबूत के आधार पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है ?

उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरनगर के खतौली में पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस की 14 बोगियां शनिवार की शाम पटरी से उतर गईं। हादसे में कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि 81 से अधिक घायल हुए हैं। शाम करीब 5.40 बजे हुए हादसे के तत्काल बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। थोड़ी ही देर में जिला प्रशासन की टीम, पुलिस और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंच कर युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुट गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि रेल मंत्री और उत्तर प्रदेश सरकार पीड़ितों की हरसंभव सहायता कर रहे हैं। गाजियाबाद से 45 कर्मियों और खोजी कुत्तों के साथ एनडीआरएफ की दो टीमें घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य कर रही हैं। दुर्घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन जहां दुर्घटना हुई है वहां शुक्रवार की रात ट्रैक में क्रैक का पता चला था। सुबह से ही इसकी मरम्मत का काम चल रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां से कई ट्रेनों को एहतियातन धीमी गति से चलाया गया, लेकिन उत्कल एक्सप्रेस की गति काफी तेज थी।
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उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए

बड़ा ट्रेन हादसा
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और कहा कि वह खुद हालात पर नजर रख रहे हैं। घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हादसा इतना जबरदस्त था कि तीन बोगियां एक दूसरे के ऊपर चढ़ गईं। बोगियों को काटकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। दो बोगी ट्रैक से उतरकर तिलकराम इंटर कालेज की दीवार से टकराकर रुकीं। एक बोगी जगत कालोनी गेट के पास स्थित एक मकान में घुस गई। यहां से पांच-छह घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। छह बोगी इंजन के साथ आगे चली गईं, करीब एक किलोमीटर आगे जाकर चालक ने ट्रेन को रोका। हादसे के बाद ट्रेन में सवार यात्रियों में चीख पुकार मच गई। लोगों ने घायलों को बोगियों से निकाल कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। मृतकों में कई महिलाएं और एक बच्ची भी है। इसके अलावा यहां लाए गए 60 घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। गंभीर घायलों को बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज और मेरठ मेडिकल कालेज अस्पताल भेजा गया। कुछ को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। आसपास के जिलों की एंबुलेंस भी खतौली बुला ली गई हैं। मृतकों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। मौके पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा कि पीड़ितों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है।

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