जनता को बेहतर सड़कें उपलब्ध कराने के सरकार के वादे को जिम्मेदार अधिकारी कमजोर कर रहे हैं। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि शहर के बीचोंबीच से गुजर रही बागपत रोड पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। सड़क पर कदम-कदम पर गहरे-जानलेवा गड्ढे हैं। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब इस बदहाल सड़क पर कोई न कोई वाहन चालक गिरकर घायल न होता हो, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी सड़क की सुध लेना भी जरूरी नहीं समझ रहे हैं।
अमर उजाला ने इस सड़क की समस्या को अभियान के रूप में चला रखा है। बागपत रोड की बदहाली के चलते लोग परेशान हैं। सड़क पर वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी खतरे भरा हो गया है। सड़क का निर्माण 4 साल पहले एमडीए ने किया था, लेकिन अब यह पूरी तरह उखड़ चुकी है। हालांकि अब इसकी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के पास है, लेकिन न तो एमडीए और न ही पीडब्ल्यूडी सड़क पर ध्यान दे रहा है। लोगों का कहना है कि वे कई बार अफसरों से इसकी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई नहीं सुन रहा। सड़क में पहले ही गड्ढे हैं, अब बरसात में यह बदहाल सड़क लोगों के लिए और ज्यादा परेशानी का सबब बन रही है।
नहीं सुन रहे अफसर
बागपत रोड की हालत से पीडब्ल्यूडी, नगर निगम के सभी अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। अधिकारी इतने लापरवाह हैं कि जनता की समस्या सुनने ही नहीं। - दीपक गुप्ता, पार्षद।
बीमार हो रहे लोग
टूटी सड़कें जनता को बीमारी बांट रही हैं। सरकारी विभाग सरकार की मंशा पर खरे नहीं उतर रहे हैं। सड़क की हालत किसी से छुपी नहीं है। - डा. अर्पित त्यागी
सरकार को बदनाम कर रहे अफसर
पीडब्लूडी के अधिकारी सरकार को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। अगर विभाग के अधिकारी चाहते तो बरसात से पहले सड़क को गड्ढा मुक्त कर सकते थे। - नितिन कुमार
सीएम से करेंगे शिकायत
बागपत रोड पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो रही है। अधिकारी तो जनता की शिकायत को गंभीरता से लेते ही नहीं। इनकी शिकायत सीएम से की जाएगी। - सतीश गोयल,