संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पालिका क्षेत्र में स्वकर प्रणाली योजना के तहत बढ़ाए गए टैक्स के विरोध में जन आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को सरधना विकास समिति के सदस्यों ने नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर अधिशासी अधिकारी से मुलाकात की और कड़े विरोध में अपनी आपत्तियां दर्ज कराई। समिति ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर सरधना बंद किया जाएगा।
स्वकर प्रणाली के तहत जारी किए गए टैक्स नोटिसों में भारी त्रुटियां पाई गई हैं। नगरवासियों, सभासदों और गणमान्य नागरिकों ने विरोध करते हुए नोटिसों को मनमाना बताया है। सरधना विकास समिति के सदस्य पंकज जैन ने आरोप लगाया कि इतने बड़े फैसले से पहले न तो किसी प्रकार की सार्वजनिक बैठक बुलाई गई और न ही आम नागरिकों या सभासदों से राय ली गई। कहा कि अगर आवश्यकता पड़ी तो लोग अपनी दुकानों और मकानों की चाबियां नगर पालिका में जमा कर देंगे। इस तरह जबरन टैक्स नहीं लगने दिया जाएगा।
ठाॅ. प्रीतीश कुमार ने कहा कि जनता को पहले जागरूक किया जाना चाहिए था और सर्वे में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा नेता विनोद जैन ने बताया कि पहले सभासदों ने तय किया था कि 30 वर्ग मीटर तक की संपत्तियों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा और अन्य पर 40-50 पैसे प्रति वर्ग फुट की दर तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों का जवाब आने से पहले नोटिस जारी करना गलत है।
ईओ दीपिका शुक्ला का कहना है कि टैक्स निर्धारण की प्रक्रिया उनके कार्यभार संभालने से पहले 40 प्रतिशत से अधिक पूरी हो चुकी थी। उन्होंने माना कि सर्वे में त्रुटियां हुई हैं। वह स्वयं जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करेंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता पर अनुचित टैक्स नहीं लगाया जाएगा। आवश्यकतानुसार जीआईएस के माध्यम से दोबारा सर्वे कराया जाएगा। बैठक सूर्यदेव त्यागी, सुशील कुमार, कमलेश पालीवाल, सभासद शानू जैन, शाहवेज अंसारी, सौरभ जैन, नीरज जैन, समर कुरैशी, पंकज टाली सहित कई लोग उपस्थित रहे।