यह संयोग है या फिर इत्तेफाक
जिस जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल अतीक और अशरफ हत्याकांड में हुआ है वह भारत में बैन है। जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल पंजाब के सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी हुआ था। जिसमें लॉरेंस बिश्नोई भी आरोपी है। अब इसे संयोग कहे या फिर इत्तेफाक, क्योंकि दोनों हत्याकांड में जिगाना पिस्टल का प्रयोग हुआ और फिर अतीक-अशरफ हत्याकांड के आरोपी मोहित का यह बयान देना कि वह लॉरेंस से प्रभावित है। कहीं न कहीं यहां पर लॉरेंस गैंग की सक्रियता की तरफ इशारा कर रहा है।
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मेरठ पुलिस भी खंगाल रही बदमाशों की कुंडली
लॉरेंस बिश्नोई की यूपी में सक्रियता को देखकर मेरठ पुलिस भी फरार चल रहे बदमाशों की कुंडली खंगाल रही है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि जिससे यह पता चल सके कि यहां का कौन बदमाश लॉरेंस के संपर्क में है। यदि लॉरेंस गैंग की यहां पर सक्रियता बढ़ती है तो वह पुलिस के लिए भी चुनौती हो सकती है। क्योंकि लॉरेंस के जेल में जाने के बाद गैंग को कनाड़ा में बैठा गोल्डी बराड आपरेट कर रहा है। जिनके पाकिस्तानी कनेक्शन भी पुलिस को मिल चुके हैं।