विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। सारे सियासी दल लोगों को साधने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। ऐसे में रालोद मुखिया चौधरी जयंत सिंह भी पश्चिमी यूपी को मथने के लिए अगले सप्ताह से रथ यात्रा शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश और ब्रज के सभी जिलों का भ्रमण करेंगे। इस दौरान उनके रोड शो होंगे और सभाएं भी की जाएंगी। कुछ जिलों में होने वाली सभाओं में सपा मुखिया अखिलेश यादव और महान दल के अध्यक्ष केशव देव मौर्य भी शामिल हो सकते हैं। पिछले कई दिन से जयंत की प्रस्तावित रथ यात्रा को अंतिम रूप देने पर मंथन चल रहा है।
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यह रथ यात्रा कहां से शुरू होगी, इसकी घोषणा जल्द हो सकती है। इससे पहले चौधरी जयंत सिंह और अखिलेश यादव ने सात दिसंबर को दबथुवा की रैली की थी। यह सपा और रालोद की पहली संयुक्त रैली थी। इसी में दोनों नेताओं ने गठबंधन का भी एलान किया था। इसके बाद 23 दिसंबर को इगलास अलीगढ़ में रैली हुई थी। इसमें चौधरी जयंत सिंह पहुंचे थे।
अखिलेश यादव को भी जाना था, मगर उनकी पत्नी डिंपल यादव और बेटी को कोरोना होने के कारण उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया था और रैली में शामिल नहीं हुए थे। इन दोनों रैलियों की भीड़ के बाद सपा-रालोद के पदाधिकारी उत्साहित हैं। रालोद अब रथयात्रा की भी तैयारी कर रही है।
जिला स्तर पर गठबंधन के दल बना रहे रणनीति
सपा-रालोद और उनके अन्य गठबंधन दल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जिला स्तर पर आगामी चुनाव की रणनीति तैयार कर रहे हैं। दो जनवरी को सभी जिलों में सपा कार्यालय पर बैठक भी हुई। इसमें बूथ स्तर पर तैयारी करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही भाजपा पर निशाना साधा गया। तय किया गया कि जनता तक भाजपा सरकार की खामियां पहुंचाई जाएंगी और सपा सरकार के समय की उपलब्धियां बताई जाएंगी।