बागपत लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली सिवालखास सीट को रालोद ने भाजपा से छीन लिया। इस सीट पर रालोद के गुलाम मोहम्मद ने भाजपा के मनिंद्रपाल सिंह को कांटे के मुकाबले में 9495 वोटों से हराया। किसी समय रालोद का गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर पिछले तीन विधानसभा चुनाव से बसपा, सपा और भाजपा कब्जा करती रही है, लेकिन इस बार सपा के साथ गठबंधन के दम पर जहां रालोद का नल पानी उगलने में कामयाब रहा, वहीं भाजपा का फूल मुरझा गया। मनिंद्र पाल सिंह सीट बचाने में कामयाब नहीं हो सके। बसपा के मुकर्रम अली उर्फ नन्हें खां तीसरे स्थान पर रहे।
1974 में अस्तित्व में आई सिवालखास सीट 2012 तक सुरक्षित सीट रही। इस सीट पर अब तक सबसे ज्यादा बार रालोद प्रत्याशी विजयी हुए हैं। 2007, 2012 और 2017 में रालोद इस सीट को जीतने में सफल नहीं हुआ। इस बार सपा-रालोद के गठबंधन में ये सीट रालोद के हिस्से में आई थी।
जाट-मुसलिम-दलित बाहुल्य इस सीट पर रालोद से लड़े गुलाम मोहम्मद और भाजपा के मनिंद्रपाल सिंह के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिला। 29 राउंड तक चली मतगणना में कई बार उतार-चढ़ाव देखने को मिले। मनिंद्रपाल सिंह ने शुरू के राउंड से ही बढ़त बनानी शुरू कर दी थी।
पांच राउंड की मतगणना में पीछे रहे गुलाम मोहम्मद ने छठे राउंउ में मनिंद्रपाल को पछाड़ा। इसके बाद मनिंद्र पाल ने 11वें राउंड में फिर से बढ़त बना ली और गुलाम मोहम्मद को पीछे कर दिया। गुलाम मोहम्मद ने 18वें राउंड में फिर से मनिंद्रपाल को पीछे छोड़ दिया। इसके बाद गुलाम मोहम्मद ने आखिरी चरण तक मनिंद्र पाल सिंह को आगे नहीं आने दिया।
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