जकार्ता एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता पहलवान दिव्या काकरान अब दंगल में दांव नहीं लगा पाएंगी। लखनऊ साई सेंटर के प्रशिक्षण की अनदेखी कर दिल्ली में दंगल खेलने पर भारतीय कुश्ती संघ ने उसे नोटिस दिया है। दंगल के दौरान उसके घुटने में चोट लग गई थी, जिसे संघ ने गंभीरता से लिया। सिर्फ इतना ही नहीं, दिव्या को चेकोस्लोवाकिया में जूनियर वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में भेजने से इंकार कर दिया है।
18 वें एशियन गेम्स में 68 किलोग्राम फ्री स्टाइल स्पर्धा में चीनी ताइपे रेसलर चेन विनलिंग को 10-0 से करारी शिकस्त देकर भारत की नई सनसनी दिव्या काकरान ने ब्रांज मेडल हासिल किया। दाएं घुटने में चोट के बावजूद उसने एशियाड में देश को पदक दिलाया। सिर्फ दो कुश्ती जीतने पर दिव्या को अपने पहले ही एशियाई खेलों में भले ही कांस्य पदक मिल गया हो, लेकिन भारतीय कुश्ती संघ ने उसे नोटिस थमा दिया है। गोल्ड कोस्ट में 13 अप्रैल 2018 को कॉमनवेल्थ गेम्स में उसने बांग्लादेशी पहलवान सुल्ताना को पटखनी देकर रेपचेज में भी ब्रांज मेडल जीता था। उसके बाद एशियाई खेलों के लिए चुनी गई छह महिला पहलवानों का लखनऊ साई सेंटर में कैंप लगा। नेशनल कैंप की अनदेखी कर दिव्या ने दिल्ली में कश्मीरी गेट के पास स्थित अखाडे में दंगल की बाजी खेली, जिसमें उसके घुटने में चोट लग गई। जकार्ता एशियाड जैसे महत्वपूर्ण खेलों से ध्यान हटा कर दंगल में भागेदारी पर संघ ने नाराजगी जताई। हालांकि एशियाड की तारीखे नजदीक देख फेडरेशन ने त्वरित कार्रवाई नहीं की। भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह की ओर से अब दिव्या को नोटिस भेज दिया गया है। नोटिस की पुष्टि उसके पिता सूरजवीर ने की है। नोटिस में दिव्या के दंगलों में खेलने पर रोक लगा दी गई है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए उसकी फिटनेस बरकरार रहे।