मेरठ में नील की गली में शोरूम में काम करने वाले दो कारीगर करोड़ों रुपये कीमत के हीरे व सोने-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गए। पीड़ित ने देहली गेट थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के जरिए उनकी लोकेशन निकाल रही है।
पूर्वा महावीर नगर निवासी शफीकुल का नील की गली में हल्दर नाम से ज्वैलरी शोरूम हैं। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले कोलकाता निवासी चिरंजीत और देबाशीष निवासी डुबरीभेरी किरचा हुगली पश्चिम बंगाल को काम पर रखा था। बुधवार को जेवर बनाने के लिए उनको काफी सोना दिया था। बाजार के अन्य व्यापारियों का भी उनके पास सोना था। कुछ के जेवर भी थे। देर शाम से उनका कहीं पता नहीं चल रहा है।
बुधवार रात दोनों ने वाट्सएप के जरिये बात कर किसी रिश्तेदार के यहां जाने की बात कही थी। गुरुवार को लौटने को कहा था, लेकिन आए नहीं। सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया ने बताया कि चिरंजीत और देवाशीष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर तलाश की जा रही है। वहीं व्यापारी के बेटे शाहिद ने आरोपियों को पकड़वाने पर उचित इनाम देने की घोषणा की है।
यह भी पढ़ें: Deepak Murder Case : एक ऐसी वारदात, जिसने छुड़ा दिए अफसरों के पसीने, नहीं मिला कटा हुआ सिर, तलाश जारी
नहीं कराया गया सत्यापन
सराफ ने दो कारीगरों को नौकरी पर रख लिया, लेकिन उनका सत्यापन नहीं कराया। देहली गेट थाना प्रभारी का कहना है कि सराफ ने दोनों का ही सत्यापन नहीं कराया था। फरार आरोपियों के बारे में बाजार के अन्य कर्मचारियों से जानकारी की जा रही है।
यह भी पढ़ें: आखिर कौन है हाजी इकबाल: परचून की दुकान से अकूत संपत्ति तक का सफर, ये राज जानकर उड़ जाएंगे होश