पल्लवपुरम नॉर्थ रैपिड स्टेशन के पास से पकड़े गए नगली आजड़ निवासी आर्मी सिपाही राहुल से एटीएस और सेना के अधिकारियों ने गहनता से पूछताछ की। मौके पर ही आर्मी के कमांडिंग ऑफिसर पुनीत शर्मा पहुंचे और पूछताछ की।
एटीएस और सेना के अधिकारियों ने थाना पुलिस को अपनी कार्रवाई से अलग रखा। आर्मी सिपाही की अन्य कोई संदिग्ध गतिविधियां तो नहीं थी, इसका भी पता लगाने में एटीएस लगी हुई है।
वर्तमान में राहुल की तैनाती अहमदनगर महाराष्ट्र में सीटी बटालियन एमआईसी एंड एस ट्रेनिंग सेंटर में है। एटीएस ने कारतूस रखने का लाइसेंस मांगा तो सिपाही लाइसेंस नहीं दिखा सका। जिसके बाद एटीएस ने आर्मी सिपाही के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली है। राहुल ने किस-किस से संपर्क किया है, इसकी जांच कराई जा रही है।
दोस्त को देने थे कारतूस, पहले ही पकड़ा गया
छुट्टी पर आया राहुल शास्त्रीनगर निवासी एक दोस्त को कारतूस देने आया था। बताया गया है कि राहुल की जब शास्त्रीनगर निवासी युवक से दोस्ती हुई तो उसने राहुल को बताया कि वह एसटीएफ में तैनात है।
उसने राहुल से कारतूस मांगे थे और बताया कि उसके कारतूस गुम हो गए हैं और उसकी नौकरी खतरे में। इस पर राहुल ने छुट्टी पर आने के दौरान उसे कारतूस लाकर देने की बात कही।
राहुल ने छुट्टी पर आने के बाद दोस्त को फोन किया और एक कॉलेज के पास आने के लिए कहा। राहुल तो पहुंच गया, लेकिन दोस्त नहीं आया। इसी बीच एटीएस और पुलिस पहुंच गई। एक पुलिसकर्मी राहुल के पास पहुंचा तो वह कारतूस उसके ऊपर फेंककर भागने लगा। पुलिस ने राहुल को पकड़ लिया।