पुरातत्व विभाग की टीम ने किया पांडव टीले का निरीक्षण
हस्तिनापुर। पुरातत्व विभाग की टीम ने शनिवार को ऐतिहासिक नगरी में महाभारत कालीन प्राचीन पांडव टीला उल्टा खेड़ा का निरीक्षण किया। पुरातत्व विभाग की टीम में दिल्ली, आगरा और मेरठ के कई अधिकारी मौजूद रहे। पुरातत्व विभाग के लगातार निरीक्षण से लोगों में ऐतिहासिक नगरी में संग्रहालय बनने की उम्मीद जग रही है।
द्वापर युग के बाद समय ने करवट बदली तो प्रकृति में भी हलचल हुई। हस्तिनापुर में मौजूद पांडव का महल उलट-पुलट हो गया, जिसे आज पुरातत्व विभाग के अनुसार उल्टा खेड़ा के नाम से जाना जाता है। पांडव टीले पर पिछले महीनों से पुरातत्व विभाग के अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों को उम्मीद जग रही है कि अब जल्द ही ऐतिहासिक नगरी में संग्रहालय बनाया जा सकता है।
शनिवार को आगरा दिल्ली और मेरठ के अधिकारियों ने उल्टा खेड़ा का निरीक्षण किया। हालांकि, अधिकारियों ने कुछ भी बताने से मना कर दिया। सिर्फ सामान्य निरीक्षण ही बताया। करीब दो सप्ताह पूर्व भी पांडव टीले पर पुरातत्व विभाग के उच्च अधिकारियों की टीम ने निरीक्षण किया था। जानकारों का मानना है कि गत वर्ष एक फरवरी को सरकार ने ऐतिहासिक नगरी में संग्रहालय बनाने की घोषणा की थी। अब फरवरी में केंद्र सरकार बजट पेश करेगी, जिसमें ऐतिहासिक नगरी के लिए भी घोषणाओं की उम्मीद है।
प्राचीन वस्तुएं रखी जाएंगी
पुरातत्व विशेषज्ञ के अनुसार, ऐतिहासिक जगहों के सर्वेक्षण, खोदाई में निकले अवशेष जैसे बर्तन, हथियार, गहने, रोजमर्रा की चीजें, पेड़-पौधे, जानवर व मनुष्यों के अवशेष, स्थापत्य कला आदि को संग्रहालय में संग्रहीत कर रखा जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ी भी प्राचीन संस्कृति को जान सकें।