महिलाओं को सम्मान मिलना चाहिए
महिलाओं को सम्मान देने की बात तो सब करते हैं, लेकिन व्यवहार में कोई नहीं लाता। परिवार से ही इसकी शुरुआत होनी चाहिए। - प्राची, शिक्षिका।
विद्यालयों में संस्कारित शिक्षा की जरूरत
जरूरत संस्कार युक्त शिक्षा की है। स्कूल-कॉलेजों में छात्रों को मोरल एजुकेशन दी जाए। घरों में भी माता-पिता लड़कों को महिलाओं का सम्मान करना सिखाएं। - चंदना दीक्षित, शिक्षिका।
दुष्कर्म जैसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत कानून की आवश्यकता है। दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी तो अन्य लोग भी इससे सबक लेंगे। - मानसी अरोरा, शिक्षिका।
परिवार के लोग केवल लड़कियों के लिए बंदिशें लगाते हैं, लेकिन बेटों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। बेटों को अच्छे संस्कार मिलेंगे तो इस तरह की घटनाएं नहीं होंगी। - सोनम चौहान, शिक्षिका।
दुष्कर्म जैसी घटना के आरोपियों को अधिवक्ता की सुविधा नहीं मिलनी चाहिए। समाज को उनका बहिष्कार करना चाहिए, तभी इस तरह की घटनाएं रुकेंगी। - एकता मित्तल, शिक्षिका।
कानून में बदलाव का उसे और सख्त बनाने की जरूरत है। साथ ही कानून का कड़ाई से पालन भी होना चाहिए। केवल कानून बनाने मात्र से कुछ नहीं होगा।
- आकांक्षा पाल, शिक्षिका।
हैदराबाद की घटना के दोषियों को जेल में मटन-चिकन खिलाया जा रहा है। यह बेहद शर्मनाक है। दोषियों को सार्वजनिक रूप से सजा दी जानी चाहिए।
- पूर्वी, शिक्षिका।
समाज से मोरल वेल्यू खत्म होती जा रही है। बच्चों को अच्छे संस्कार दें साथ ही सरकार महिला अपराधों को लेकर सख्त कानून बनाए।
- रेनू, शिक्षिका।
कई मामलों में न्यायालय ने त्वरित निर्णय दिए हैं। महिला अपराधों को किसी वर्ग से नहीं जोड़ा जा सकता। समाज को स्वयं भी आगे आकर जिम्मेदारी निभानी होगी।
- वैभव कश्यप।
दुष्कर्म जैसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए। न्याय में देरी भी अन्याय से कम नहीं होती। इसलिए पीड़ित को त्वरित न्याय दिलाने की व्यवस्था होनी चाहिए।
- अमित त्यागी।
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