मेरठ। रोहटा थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर रोहटा निवासी राजमिस्त्री अनिल का शव बीस दिन बाद भी गंग नहर में नहीं मिला। पीएसी के गोताखोर और पुलिस की टीम मसूरी, मुरादनगर से वापस लौट आई। अब रोहटा पुलिस बुलंदशहर, गाजियाबाद और अलीगढ़ पुलिस ने बीते दिनों गंग नहर में मिले अज्ञात शवों के बारे में जानकारी जुटी रही है।
रसूलपुर रोहटा निवासी अनिल (32) राजमिस्त्री था। 25 अक्तूबर को वह लापता हो गया था। 26 अक्तूबर को उसके बड़े भाई राजू ने रोहटा थाने में अनिल की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच पड़ताल की। सर्विलांस से कॉल डिटेल निकलवाई। पांच नवंबर को राजू ने अनिल की पत्नी काजल, गांव के ही आकाश और उसके दोस्त बादल के खिलाफ अनिल के अपहरण का नामजद मामला दर्ज कराते हुए भाई की हत्या की आशंका जताई थी।
रोहटा पुलिस ने सात नवंबर को आकाश, बादल और अनिल की पत्नी काजल को भी गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया था। पूछताछ में आकाश व बादल ने स्वीकार किया था कि वे काजल के साथ मिलकर अनिल को नशे की गोलियां खिलाकर अत्यधिक नशे की अवस्था में मोटरसाइकिल से सिवालखास गंगनहर पुल के पास ले गए। यहां काजल के दुपट्टे से गला घोटकर हत्या का प्रयास किया। मृत्यु न होने पर अनिल को बेहोशी की हालत में जिंदा गंगनहर में फेंक दिया था।
बीते बीस दिनों से पुलिस पीएसी के गोताखोर की मदद से गंग नहर में अनिल के शव की तलाश में लगी थी, मगर कोई सफलता नहीं मिल सकी। पुलिस ने गंग नहर में उसकी तलाश बंद कर दी है।
सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि पुलिस की जांच अभी जारी है। रोहटा पुलिस की एक टीम बुलंदशहर, गाजियाबाद, अलीगढ़ गई है, जो वहां बीते दिनों गंग नहर में मिले अज्ञात शवों के बारे में जानकारी हासिल रह रही है।