जेल में बंद कुख्यात अनिल दुजाना की जमानत अर्जी को स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण इरफान कमर ने गंभीर अपराध पाते हुए खारिज कर दिया। सरकारी वकील सिराजुद्दीन अलवी ने बताया कि अनिल दुजाना पर गौतमबुद्धनगर के कसाना थाना में एक आपराधिक मामला दर्ज है।
इसके तहत वह जिला कारागार में बंद था। प्रशासनिक कार्रवाई के चलते उसे महाराजगंज जिला कारागार स्थानांतरित कर दिया गया था। इस दौरान उस पर बंदी व आरक्षी से मिलकर मोबाइल पर मेसेज भेजकर अवैध वसूली के आरोप लगे थे।
जांच के बाद उस पर भ्रष्टाचार निवारण व धारा 84 कारागार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने अनिल दुजाना पर उपरोक्त धाराओं में न्यायिक रिमांड बनाए जाने के बाद आरोपी ने जमानत अर्जी दी थी।
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि पुलिस पूछताछ में अनिल उर्फ तोता ने बताया था कि वह अनिल दुजाना का शार्प शूटर है। उसकी पकड़ जिला कारागार तक है। उसने बताया था कि श्याम नाम का सिपाही महाराजगंज में तैनात है।
अरविंद बलिया कारागार में है। दोनों हमारी मदद करते हैं। मोबाइल के माध्यम से चैट करके पैसा मंगाते हैं। उन्होंने चेक के फोटोग्राफ भी मोबाइल में दिखाए। अनिल दुजाना पर तीन दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। वह शातिर अपराधी है।