दिनभर धरना-प्रदर्शन करते रहे सफाई कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। पिछले तीन माह का वेतन न मिलने से नाराज एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के 550 संविदा सफाईकर्मी हड़ताल पर चले गए। इससे मेडिकल की सफाई व्यवस्था चरमरा गई। जगह-जगह गंदगी नजर आई। प्राचार्य और मेडिकल प्रबंधन के अधिकारियों ने उन्हें मनाने और एक माह का वेतन जारी कराने का आश्वासन दिया मगर वे नहीं माने। देर रात तक सफाई कर्मचारी हड़ताल पर ही थे। सफाई का काम 50 सरकारी सफाईकर्मियों के जिम्मे रहा।
सफाई कर्मचारियों ने सुबह 9 बजे से ही मेडिकल कॉलेज में सफाई करनी बंद कर दी और हड़ताल कर इमरजेंसी के बाहर धरन-प्रदर्शन करने लगे। उत्तर प्रदेश मजदूर संघ के अध्यक्ष राहुल मंगवाना ने कहा कि उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर 13 जनवरी तक वेतन का भुगतान नहीं होता तो कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। विश्वा कंपनी प्रबंधन ने दो माह का वेतन 19 और 20 जनवरी की शाम तक खाते में डालने का आश्वासन दिया था लेकिन वेतन नहीं दिया गया। यही वजह है कि हड़ताल कर रहे हैं और जब तक वेतन नहीं मिलेगा हड़ताल जारी रहेगी।
धरना-प्रदर्शन कर रहे सफाईकर्मियों ने आरोप लगाया कि उनका मानसिक और आर्थिक शोषण हो रहा है। न समय वेतन मिल रहा है और न बीमार होने पर कोई चिकित्सा सुविधा। नाराज कर्मचारियों को मनाने के लिए प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धीरज राज और अन्य अधिकारी पहुंचे। प्राचार्य ने आश्वासन दिया कि उनका एक माह का वेतन उनके खाते में आने वाला है लेकिन कर्मचारी नहीं माने। उन्होंने कहा कि उनका तीन माह का वेतन बाकी है, पूरा वेतन चाहिए तभी वापस काम पर लौटेंगे। इस पर प्राचार्य और अन्य चिकित्सा अधिकारी वापस लौट गए। प्रदर्शन करने वालों में सुनीता, रचना, ललिता, रामा प्रसाद, विकास, अभिनव, ब्रजपाल, सुनील, ललित, प्रदीप कुमार, सुभाष गोस्वामी और राजा आदि रहे आदि शामिल रहे। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धीरज राज ने सरकारी सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी है। व्यवस्था को बेहतर किया जा रहा है। उम्मीद है संविदा सफाईकर्मी भी जल्द ही काम पर लौट आएंगे। उनका अपनी कंपनी से वेतन का विवाद है।
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आउट सोर्स नर्सिंग स्टाफ भी पहुंचा प्रदर्शन में
नर्सिंग स्टाफ के कुछ आउट सोर्स कर्मचारी भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। उनका भी चार माह का वेतन नहीं मिला है। हालांकि कुछ देर बाद वे वापस काम पर लौट गए। नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि वह मेडिकल कॉलेज में जीत एचआर कंपनी के माध्यम से सेवा दे रहे हैं। वेतन के नाम पर उन्हें परेशान किया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री को करना था मेडिकल का निरीक्षण
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण का कार्यक्रम प्रस्तावित था। मेडिकल प्रशासन व्यवस्था में बनाने में जुटा है। मेडिकल को चमकाया जा रहा है। बुधवार को सफाई कर्मचारियों के हड़ताल करने से वहां खलबली मच गई। मेडिकल प्रबंधन परेशान हो गया कि व्यवस्था कैसे करेंगे। हालांकि देर शाम आए उप मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम में मेडिकल का निरीक्षण नहीं हैं। इससे मेडिकल के चिकित्सा अधिकारियों ने थोड़ी राहत की सांस ली है। हालांकि अभी भी वे व्यवस्था बनाने में जुटे हैं कि कहीं उप मुख्यमंत्री औचक निरीक्षण न हो कर लें।
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स्ट्रेचर पर मरीज को खुद ले जाते नजर आए तीमारदार
स्ट्रेचर पर मरीजो़ं को मेडिकल का स्टाफ नहीं बल्कि तीमारदार खुद इधर-उधर ले जाते नजर आए। तीमारदारों का कहना था कि सुबह से सफाई व्यवस्था ठप है और मरीजों का जो काम कर्मचारी करते हैं वह उन्हें ही करना पड़ रहा है।