कामाख्या सिद्धपीठ पर मिले प्राचीन सिक्के
हस्तिनापुर। महाभारत कालीन हस्तिनापुर में स्थित मां कामाख्या सिद्धपीठ से बुधवार को प्राचीन साक्ष्य प्राप्त हुए। यह प्राचीन साक्ष्य नवमी पूजन के दौरान स्थल पर साफ सफाई के दौरान मिले। इस दौरान उस स्थल पर नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के माध्यम से सफाई कार्य चल रहा था।
बुधवार को वहां परिक्रमा मार्ग की मिट्टी को समतल किया जा रहा था और कंकड़ पत्थर को हटाया जा रहा था। इसी दौरान नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के चेयरमैन व शोभित विवि के असिस्टेंट प्रो. प्रियंक भारती को कॉपर के दो सिक्के एवं टेराकोटा से निर्मित मनका प्राप्त हुआ। उसकी साफ सफाई की गई। सभी साक्ष्य सावधानीपूर्वक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के हस्तिनापुर स्थित उपमंडल कार्यालय में कर्मचारियों को सौंपे।
भारती ने बताया कि इस साइट से पिछले वर्ष भी ऐतिहासिक सामग्री प्राप्त हुई थी, जिसके बाद इस साइट के वैज्ञानिक अन्वेषण के लिए प्रोजेक्ट बनाकर भी भेजा गया था। यह मंदिर इतिहास के पन्नों में गुम हो गया था। लेकिन मंदिर को लेकर ऐसा बताया जाता है कि इसका निर्माण महाराजा अनंगपाल तोमर द्वारा किया गया था। इसके अलावा सिद्धपीठ पर सोशल दूरी के साथ नवमी का पूजन किया गया। मंदिर के महंत शंकर देव महाराज ने बताया कि यह कामाख्या देवी शक्तिपीठ अति प्राचीन है। महंत ने जरूरतमंद कन्याओं को सूखा राशन भी वितरित किया।