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अनामिका शुक्ला प्रकरण: गिरफ्तारी के बाद भावना से पूछताछ, मास्टरमाइंड के बारे में किए चौंकाने वाले खुलासे

Tue, 16 Jun 2020 04:06 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

  • मास्टरमाइंड ने साढ़े तीन लाख रुपये में लगवाई थी नौकरी
  • अनामिका शुक्ला की जगह नौकरी करने वाली भावना ने किया खुलासा
  • नाम नकली पर पता असली ही दर्शाया गया था दस्तावेजों में
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पुलिस ने भावना को गिरफ्तार किया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में सहारनपुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुजफ्फराबाद में विज्ञान शिक्षिका के रूप में अनामिका शुक्ला की जगह नौकरी करने वाली भावना ने पुलिस की पूछताछ में कुछ खुलासे किए हैं। उसने बताया है कि वह बेरोजगार थी। उसे रोजगार की सख्त जरूरत थी। नौकरी पाने के चक्कर में ही उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अनामिका शुक्ला के नाम का इस्तेमाल किया और शिक्षिका के रूप में काम किया।

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इन दस्तावेजों में उसने अपना नाम अनामिका शुक्ला पुत्री सुभाष चंद शुक्ला निवासी हसनपुर पोस्ट मोटा थाना भौगांव जनपद मैनपुरी दर्शाया था जबकि उसका असली नाम भावना यादव पुत्री सुरेंद्र सिंह यादव गांव भैंसरोली, थाना भौगांव जनपद मैनपुरी है। इस नौकरी के लिए उसने इस गिरोह के मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र से 3.50 लाख रुपये में सौदा किया था। भावना के माध्यम से यह भी पता चला है कि अलग-अलग जिलों में कराई गई फर्जी नियुक्ति का सौदा भी अलग-अलग रहा हैं। यह रकम आवेदक की स्थिति के अनुरूप दो से साढ़े तीन लाख रुपये तक की रही है।



ऋषिकेश से मैनपुरी तक घूमती रही भावना

पुलिस के मुताबिक भावना ने पूछताछ में बताया कि फर्जी नियुक्ति का मामला सुर्खियों में आने से पहले शक होने पर वह यहां से ऋषिकेश चली गई थी। वहां 22 दिन रहने के बाद वह मैनपुरी चली गई थी। सोमवार शाम वह अपना सामान लेने के लिए सहारनपुर आ रही थी तो उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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फर्जी दस्तावेज किए बरामद, विवेचना जारी

एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि इस मामले में थाना जनकपुरी प्रभारी अभिषेक सिरोही, सर्विलांस प्रभारी बिजेंद्र सिंह रावत, वरिष्ठ उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह के अलावा सर्विलांस सेल के विनीत हुड्डा, विपिन कौशिक और महिला आरक्षी विनीता की टीम ने भावना को पकड़ा और पूछताछ के बाद उससे फर्जी दस्तावेज बरामद किए। इसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट, सनद, मूल निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और आधार कार्ड की छायाप्रति शामिल है। एसपी सिटी ने बताया कि फर्जी नियुक्ति गिरोह की अन्य गतिविधियों के साथ ही मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र से कनेक्शन और डील को लेकर अन्य विवेचना अभी जारी है।

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कहां से पकड़ी भावना, इस पर बदलते रहे अफसरों के बयान

भावना की गिरफ्तारी की लोकेशन को लेकर बार बार दिए गए अलग- अलग बयानों को लेकर पुलिस की काफी फजीहत भी हुई है। सोमवार दोपहर बाद से मैनपुरी से लेकर सहारनपुर तक की पुलिस और मीडिया में यही चर्चा रही कि भावना को मैनपुरी में बुआ के घर से सहारनपुर लाया गया है। हिरासत में लेने के बाद उससे पूछताछ की जा रही है। देर रात इस मामले ने तब चौंका दिया जब एसएसपी दिनेश कुमार की ओर से बताया गया कि इस महिला को सहारनपुर के ही छज्जरपुर के पास से पकड़ा गया है। 

यही नहीं, मीडियाकर्मियों ने लोकेशन के बारे में सवाल किया तो एसपी सिटी विनीत भटनागर इतना ही बोले कि सहारनपुर जनकपुरी के विवेचक सहित सर्विलांस की टीम ने ही उसे गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ की जा रही है। इसके कुछ देर बाद पुलिस विभाग की ओर से जारी अधिकृत सूचना में भावना को सहारनपुर से ही पकड़ा जाना बताया गया। बहरहाल, पुलिस प्रशासन के लिए सुकून की बात महज इतनी है कि उसके पकड़े जाने से अब आगे की विवेचना हो सकेगी और फर्जी नियुक्ति से जुड़े कुछ अन्य राज भी सामने आ सकेंगे।

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