जातिगत समीकरण साधने पर रहेगा जोर
भाजपा सूत्रों के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जातिगत समीकरण सबसे ज्यादा अहम रहते हैं। जाट वोट पश्चिम में अहम फैक्टर है। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा को जाट वोट एकतरफा मिला था। इस बार जाट वोट भाजपा से कहीं न कहीं हटा हुआ दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही दलितों को साधने की जो रणनीति भाजपा ने बनाई थी, वह पूरी तरह गड़बड़ा गई है। हालांकि एससी एसटी अत्याचार निवारण संशोधन विधेयक पास कर भाजपा ने इसकी भरपाई की कोशिश की है। लेकिन इसका सहीं संदेश भाजपाई दलित समाज तक पहुंचा भी पाएंगे, इसमें संदेह हैं। क्योंकि 2 अप्रैल को हुए दलित आंदोलन का डैमेज कंट्रोल भाजपाई आज तक नहीं कर पाए हैं।
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