दर्शन की इच्छा मन में ही रह गई
जयवीर का कहना है कि चार वर्ष पूर्व संकल्प लिया था कि बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए प्रतिवर्ष जाएंगे, लेकिन दो साल से परिस्थितियों विपरीत बन रही है। बीते वर्ष धारा 370 हटाने पर यात्रा रोक दी थी और इस बार कोरोना का ग्रहण यात्रा में लग गया। दर्शन की इच्छा मन में ही रह गई।
प्रतिवर्ष बाबा के दर्शन का संकल्प टूटा
बड़ौत नीरज का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते प्रतिवर्ष बाबा के दर्शन का संकल्प टूटा है। पिछले छह साल से वह बाबा के दर्शन के लिए जाते थे।
ये बोले ट्रांसपोर्टर
सिम्मी बस सर्विस के मालिक प्रवीण पंवार का कहना है कि हर साल उनकी तीन से चार बसे भरकर अमरनाथ यात्रा के लिए जाती थी, इससे अच्छी इनकम हो जाती थी, लेकिन इस बार यात्रा रद्द होने से नुकसान उठाना पड़ा।
जय बालाजी बस सर्विस के मालिक ध्रुव का कहना है कि जुलाई माह में हर साल अमरनाथ यात्रा शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार यात्रा रद्द होने से नुकसान उठाना पड़ा।
शांति बस सर्विस के मालिक पवन मान ने बताया कि जनपद मेें हर साल अमरनाथ यात्रा के लिए सैकड़ों लोग जाते थे। पूरे जनपद से सौ से अधिक बसों में सवार होकर श्रद्धालु जाते हैं, लेकिन इस बार यात्रा रद्द होने से काफी नुकसान उठाना पड़ा।