कोरोना संक्रमण काल में बेवजह सड़क पर घूमने वालों के चालान काटकर यातायात पुलिस लखपति बन गई है। दो माह में ही कोविड नियमों का उल्लंघन करने वालों के जमकर चालान काटे गए और करीब 52 लाख रुपये की वसूली की गई। कोरोना से बचने की चेतावनी देने के साथ ही चालान काटने में भी टीमें आगे रहीं। सिविल के साथ मिलकर यातायात पुलिस की टीमों ने कहीं पर ई-चालान किया तो कहीं मौके पर ही कार्रवाई की। कोरोना काल में अप्रैल और मई के महीने में धड़ाधड़ चालान काटे गए। सड़क पर जो भी बेवजह दिखाई दिया उसका चालान कर दिया। बार-बार गलती करने पर पुलिस ने 5 से 10 हजार तक का चालान किया है। पुलिस ने दावा किया कि कोविड-19 का पालन कराने के लिए ही यह शक्ति की गई। अधिकतर चालान बेवजह घूमने वाले लोगों के किए गए।
शहर में 10 हजार तक के चालान काटे
20 मई को देहली गेट थाने की पुलिस ने इमरान निवासी खेरनगर का 10 हजार का चालान किया। यह पहला सबसे बड़ा चालान हुआ था। इसमें पहले इरफान का मास्क न लगाने पर 500 रुपये का चालान हुआ था।
वहीं 21 मई को कोतवाली पुलिस ने मोहल्ला ठठेरवाड़ा के व्यक्ति का 10 हजार रुपये का चालान किया। चेतावनी के बावजूद उसने दूसरी बार मास्क नहीं पहना था। उसका पहला चालान एक हजार रुपये का था।
अप्रैल में चालान और वसूली की स्थिति
वाहन के चालान- 8690
सीज किये वाहन- 125
चालान का पैसा - 35.97800
मौके से वसूला पैसा- 78500
मई में चालान और वसूली की स्थिति
वाहनों के चालान- 8626
सीज किए वाहन- 90
चालान का पैसा- 15.84 लाख
मौके से वसूला पैसा- 54 हजार
कोविड नियमों का अनुपालन कराने के लिए पुलिस मुस्तैद रही। कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन कराने के लिए लोगों को घर से बाहर न निकलने की सलाह भी दी गई। इसके बावजूद लोग नहीं माने। इसके बाद चालान करने का अभियान चलाया गया। इस दौरान मुकदमे भी पंजीकृत किए गए हैं।
- अजय साहनी, एसएसपी।