कोरोना महामारी के इस दौर में सावधानी तो बहुत जरूरी है। मगर कोरोना से डरना कतई जरूरी नहीं है। मेरठ में करीब 97 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिन्हें कोरोना जैसे लक्षण होने या कोरोना संक्रमित के संपर्क में रहने के बावजूद जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। सिर्फ तीन प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिन्हें कोरोना संक्रमित कर सका है। लेकिन इनमें से भी 64 प्रतिशत लोग कोरोना को मात देकर अस्पताल से घर जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की स्टडी में यह खुलासा हुआ है।
मेरठ में कोरोना संक्रमित पहला मरीज 27 मार्च को मिला था, यानी तब से अब तक (11 जुलाई तक) 107 दिन में कोरोना के 1433 मामले सामने आए हैं। इस दौरान 47715 सैंपलों की जांच हुई है, यानी रोजाना करीब 446 सैंपल जांच के लिए जाते हैं। जिनमें से सिर्फ तीन लोग ही संक्रमित निकले हैं। संक्रमित होने वालों में सिर्फ पांच प्रतिशत लोग ही ऐसे हैं, जो कोरोना को मात नहीं दे सके और उनकी मौत (74) हुई है। कोरोना को मात देने वालों की बात करें तो अब तक 910 लोगों ने कोरोना को हराया है। यानी रोजाना 8.5 प्रतिशत लोग कोरोना को हरा रहे हैं।
बचना है तो ये बरतें खास सावधानी
- अपने हाथ बार-बार मुंह, नाक और आंख पर नहीं लगाएं, ताकि वायरस शरीर के अंदर नहीं जा पाए।
- सोशल डिस्टेंसिंग का खास ध्यान रखें
- संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें
- मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें
- जो मास्क आप पहन रहे हैं उसकी सफाई का भी खास ध्यान रखें
- अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम न होने दें
- अपने हाथों को थोड़े-थोड़े अंतराल में साबुन से धोते रहें
- घर से बाहर हैं तो सैनिटाइजर साथ रखें, उसी का प्रयोग करते रहें
कई दिन तक जिंदा रह सकता है वायरस
चीन के वुहान से शुरू होकर दुनिया भर में फैले कोरोना के कहर से लोग खौफजदा हैं। उनके मन में इसे लेकर कई तरह के सवाल भी हैं। जिनमें एक है कि वायरस कितने वक्त तक जिंदा रह सकता है। मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब के प्रभारी डॉ. अमित गर्ग बताते हैं कि कोरोना वायरस शरीर से बाहर कई दिन तक जिंदा रह सकता है, जबकि मेटल पर ये करीब 12 घंटे तक जिंदा रह सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक स्किन पर यह वायरस महज 10 मिनट ही जिंदा रह पाता है। ऐसे में किसी मेटल या संक्रमित चीज को छूने के बाद अच्छे से हाथ धोकर इसकी चपेट में आने से बचाव किया जा सकता है।
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