सरकारी संपत्ति को हुआ था भारी नुकसान
हापुड़ रोड पर दो किमी की दूरी में उपद्रवियों ने डिवाइडर तोड़ डाले थे। ग्रिल उखाड़ फेंकी थी। पुलिस के एक दर्जन से ज्यादा वाहनों में तोड़फोड़ की थी। लिसाड़ी रोड पर भी उपद्रवियों ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। 161 उपद्रवियों को चिन्हित किया गया था। इनमें से 134 से सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए 48 लाख रुपये की वसूली की जानी थी। उपद्रवियों को तहसील की तरफ से नोटिस भी भेजे गए। लेकिन नुकसान भरपाई के लिए ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन का दावा है कि कुछ उपद्रवियों से तीन लाख रुपये वसूले गए हैं।
संपत्ति क्षति दावा अधिकरण का गठन
20 दिसंबर 2019 की घटना के बाद राजनीतिक जुलूस, विरोध प्रदर्शन और आंदोलन के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्तियों के नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार ने लखनऊ व मेरठ में संपत्ति क्षति दावा अधिकरण का गठन कर दिया है। हालांकि मेरठ में पहले भी बड़े बवाल हो चुके हैं। इसमें मछेरान बवाल और दो अप्रैल 2018 में हुआ बवाल भी है। इसमें उपद्रवियों ने सैकड़ों वाहनों में तोड़फोड़ के साथ शोभापुर पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया था। 2011 में एल ब्लॉक के दंगे में भी शहर में भारी नुकसान हुआ था।
तीन लाख वसूले गए
20 दिसंबर के उपद्रव में हुए नुकसान को लेकर 48 लाख की हर्जाना वसूली होनी थी। तहसील के अमीन की तरफ से नोटिस दिए गए थे। करीब तीन लाख की वसूली भी की जा चुकी है।
- अजय तिवारी, एडीएम सिटी
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/