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हुक्का बार मामला: माफिया बेखौफ... अधिकारी हैं मौन, मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला

Wed, 19 Aug 2020 11:55 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • मेरठ शहर में दो हुक्का बार पकड़े जाने के बाद भी अधिकारी मौन
  • बीयर की दुकानों पर 14 साल तक के किशोर भी खरीदते हुए मिल जाएंगे
  • पुलिस की साठगांठ से माफिया बेखौफ, लगातार बढ़ रहा नशे का कारोबार
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हुक्का बार में अश्लीलता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में मेरठ शहर के युवा ही नहीं किशोर वर्ग को नशे की अंधी खाई में उतारा जा रहा है। हालात ये हैं कि माफिया बेखौफ होकर नशे का सामान उपलब्ध करा रहे हैं और पुलिस मौन है। इन दिनों दो हुक्का बार पकड़ में आने के बाद शहर भर में इसे लेकर चर्चा है। लेकिन पुलिस के कानों पर अभी तक जूं भी नहीं रेंग रही है।

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शहर में शराब की दुकानें अब हर नुक्कड़ पर खुली नजर आती हैं। इन पर किसी भी तरह के नियमों का पालन नहीं है। शराब और बीयर की दुकानों पर 14 साल तक के किशोर भी बोतल खरीदते हुए मिल जाएंगे। लेकिन इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। ऐसे माहौल में कभी पुलिस भी इन ठेकों के पास किशोरों को रोकती नजर नहीं आती, इसका सीधा कारण शराब के ठेकों से पुलिस का पैसा बंधा होना होता है। 

बिक रही चरस, गांजा, अफीम 
आबकारी विभाग भांग का ठेका छोड़ता है। यह भांग आबकारी विभाग ही उपलब्ध कराता है। लेकिन जिस तरह बहुत महंगी दरों पर भांग के ठेके छोड़े जाते हैं, वह बहुत ही चौंकाने वाला होता है। अमर उजाला ने कई बार इन भांग के ठेके की आड़ में चरस, अफीम और गांजा आदि जैसे नशे की बिक्री का खुलासा भी किया। लेकिन पुलिस की सांठगांठ से आज तक भी इस नशे के कारोबार पर लगाम नहीं कसी जा सकी। गंगानगर थाने के बराबर में ही जहां खुलेआम चरस बिकती है तो हापुड़ अड्डे पर हर किसी को नशा बेचने वालों के ठिकाने का पता है, लेकिन पुलिस अनजान बनी रहती है।  
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हुक्का बार पर साधी है सभी ने चुप्पी 
बड़ी बात ये है कि शहर में हाल में ही दो हुक्का बार पकड़े जा चुके हैं। इससे पहले भी सदर थाना क्षेत्र में हुक्का बार पकड़े जा चुके हैं। ये हुक्का बार गुपचुप तरीके से संचालित हो रहे हों, ऐसा नहीं है क्योंकि एक तरफ जहां रविवार से पहले तक शहर के सभी रेस्टोरेंट व होटल बंद थे, तो ऐसे में कैसे इन दो स्थानों पर पार्टियां चल रही थी। यह सवाल पूरी तरह पुलिस की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में खड़ा करता है। बावजूद इसके आला अधिकारी इस मामले में भी अपने अधीनस्थों को संरक्षण दे रहे हैं। 

मुख्यमंत्री तक पहुंच चुका है मामला 
मेरठ के हुक्का बार का मामला मुख्यमंत्री के दरबार तक जा पहुंचा है। इस पूरे मामले पर कभी भी शासन स्तर से न केवल रिपोर्ट तलब हो सकती है, बल्कि बड़ी कार्रवाई भी तय हो सकती है। हालांकि इन तमाम मामलों में कुछ सत्ता पक्ष के नेताओं के संरक्षण की भी बात सामने आ रही है। लेकिन अब मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। ऐसे में तमाम नेताओं ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट पार्टी के आला नेताओं तक पहुंचा दी है।

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