सुबह सात बजे से शाम तक मवाना स्थित एंग्लो संस्कृत इंटर कॉलेज में बूथों पर लाइन देखी गई। यहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक रही। इसी के बराबर में लक्ष्मी देवी आर्य कन्या डिग्री कॉलेज में बूथों पर भी मतदाताओं की भीड़ देखने को मिली। यहां पर मुस्लिम मतदाता सपा गठबंधन प्रत्याशी दीपक सैनी के पक्ष में एकमत दिखाई दिए।
हिंदू मतदाताओं की संख्या इन बूथों पर कम बतायी गई। छोटा मवाना स्थित शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र और प्राथमिक विद्यालय में सुबह 10 बजे बूथों पर मतदाता तो दिखे, लेकिन संख्या बहुत कम देखने को मिली। खंड विकास कार्यालय खेड़ी में बनाए गए मतदान केंद्र पर सुबह 11 बजे तक मात्र 12 प्रतिशत ही मतदान हुआ। ऐसा ही हाल प्राइमरी और जूनियर हाई स्कूल भैंसा में देखने को मिला। हस्तिनापुर के राजकीय इंटर कॉलेज में बूथों दोपहर 2.30 बजे तक 34 प्रतिशत मतदान देखा गया। बाकी जाट, वैश्य अन्य पिछड़ी जातियों के मतदाता रालोद प्रत्याशी चंदन चौहान का हैंडपंप चलाते मिले। हस्तिनापुर में सठला, निलोहा, मवाना खुर्द, बहादरपुर, पूठी, रामनगर, गणेशपुर आदि गांवों में शांतिपूर्ण मतदान हुआ।
हस्तिनापुर क्षेत्र में ये रहती हैं जातियां
मुस्लिम, गुर्जर, दलित, त्यागी, ब्राह्मण, सैनी, कश्यप, जैन, वैश्य, सिख, वाल्मीकि आदि मतदाता हैं।
गुर्जर समेत कई जातियों ने खूब चलाया हैंडपंप
हस्तिनापुर विधानसभा सीट पर गुर्जर, जाट, वैश्य, सिख, जैन, कश्यप, प्रजापति, त्यागी, ब्राह्मणों ने एकजुट होकर रालोद का हैंडपंप चलाया। सैनी मतदाताओं को छोड़ दें तो बाकी भाजपा व रालोद का समस्त परंपरागत वोट बैंक एकजुट दिखाई दिया। वह अलग बात है कि इस वोट बैंक की संख्या मतदान केन्द्रों पर कम देखने को मिली। कम हुआ मत प्रतिशत कहीं न कहीं रालोद प्रत्याशी की धड़कन बढ़ाता दिख रहा है। हालांकि इस विधान सभा सीट पर गुर्जर मत प्रत्याशी की हार जीत तय करते रहे हैं।
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