इस बार मंडल में गेहूं की रिकॉर्ड खरीद हुई है। पिछले साल के मुकाबले दोगुने से ज्यादा गेहूं खरीदा गया। यही नहीं, जनपद मेरठ में पिछले साल के मुकाबले करीब पांच गुणा गेहूं खरीदा गया। मंगलवार को गेहूं खरीद का अंतिम दिन था।
पिछले साल लॉकडाउन का असर गेहूं खरीद पर पड़ा था। इस बार किसान आंदोलन के दबाव में जहां मंडल में करीब एक दर्जन ज्यादा गेहूं खरीद केंद्र खोले गए थे, वहीं सरकार ने केंद्र पर आने वाले गेहूं को हर हाल में खरीदने के आदेश दिए थे। पिछले साल मंडल में जहां 141017.64 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी, वहीं इस साल 207 फीसदी ज्यादा यानि 292091.32 मीट्रिक टन खरीद हुई है। मेरठ जनपद में पिछले साल के 9167.97 फीसदी के मुकाबले रिकॉर्ड 475 फीसदी ज्यादा 43345.36 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है।
577 करोड़ से ज्यादा का गेहूं खरीदा
मंडल में 577 करोड़ रुपये से ज्यादा का गेहूं खरीदा गया है। अब तक देय भुगतान के सापेक्ष 542 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जो करीब 94 फीसदी है। इस बार करीब 86 हजार किसानों से गेहूं की खरीद की गई है।
मंडल में गेहूं खरीद के आंकड़े
जनपद इस साल खरीद पिछले साल खरीद
मेरठ 43345.36 9167.97
बागपत 15331.37 5030.70
हापुड़ 33856.68 11721.89
गाजियाबाद 14955.95 3294.70
गौतमबुद्धनगर 32423.34 24135.59
बुलंदशहर 152178.60 87666.77
नोट- गेहूं खरीद मीट्रिक टन में है। आंकड़े आरएफसी मेरठ से लिए गए हैं।
क्या बोले अधिकारी
मंडल में गेहूं की रिकॉर्ड खरीद की गई है। पिछले साल के मुकाबले आंकड़ा दोगुना हो गया है। खरीदा गया गेहूं केंद्रों से उठवाकर एफसीआई गोदामों में भेजा जा रहा है। जो गेहूं केंद्रों पर है उसे पूरी सुरक्षा के साथ रखा गया है।
- दिनेश चंद्र मिश्र, संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी, मेरठ संभाग