जिस ओर जवानी चलती है उस ओर जमाना चलता है। सच कहना अगर बगावत है, तो समझो हम भी बागी हैं। पढ़ने के लिए लड़ो और बदलाव के लिए पढ़ो... 70 के दशक में छात्र राजनीति की कोख से निकले ये नारे आज भी कुछ लोगों के दिलो दिमाग में हैं। ऐसे वक्त में जब देश में युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा है, पश्चिमी यूपी में छात्र राजनीति से निकले चेहरे विधानसभा और संसद तक मुख्यधारा की सियासत में परचम लहरा रहे हैं।
छात्र नेता रहे डॉ. राजकुमार सांगवान बागपत से, हरेंद्र मलिक और डॉ. संजीव बालियान मुजफ्फरनगर सीट से इस बार चुनाव के मैदान में हैं।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और संबंधित कॉलेजों में 2017 के बाद छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। पूर्व में यहां से निकले छात्र नेता पूर्व में भी विधानसभा और संसद तक पहुंचे हैं। चौधरी चरण सिंह भी छात्र राजनीति से ही प्रदेश के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बने। मेरठ कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष रहे पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक और दो बार एमएलसी रहे चौधरी जगत सिंह को घर से बुलाकर चौधरी चरण सिंह ने भारतीय क्रांति दल में शामिल किया था।
मुजफ्फरनगर: डॉ. बालियान और मलिक बड़े खिलाड़ी
मुजफ्फरनगर में आमने-सामने चुनाव लड़ रहे भाजपा प्रत्याशी डॉ. संजीव बालियान और सपा-कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी हरेंद्र मलिक छात्र राजनीति से ही निकले हैं। हरेंद्र मलिक ने डीएवी डिग्री कॉलेज में छात्र संघ का चुनाव लड़ा और छात्र राजनीति की। 2014 और 2019 में जीते केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. बालियान ने हरियाणा में पढ़ाई के दौरान हिसार यूनिवर्सिटी में छात्र राजनीति की।
सहारनपुर: कई ने पाया विधानसभा और संसद में मुकाम
जैन डिग्री कॉलेज छात्र संघ अध्यक्ष रहे वीरेंद्र ठाकुर दो बार विधायक बने। स्वर्गीय जगपाल सिंह हरिद्वार लोकसभा सीट से दो बार सांसद रहे। प्रदेश की सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री और बसपा से सांसद रहे स्वर्गीय जगदीश राणा भी छात्र राजनीति से ही सियासत की मुख्यधारा में आए थे। दो बार विधायक रहे सुरेंद्र कपिल महाराज सिंह कॉलेज छात्र संघ के अध्यक्ष रहे। दो बार विधायक रहे स्वर्गीय महावीर सिंह राणा ने भी राजनीति का ककहरा छात्र राजनीति से ही सीखा था। ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन में सक्रिय रहे संजय गर्ग भी प्रदेश सरकार में दो बार राज्यमंत्री रहे। देवबंद विधानसभा से पूर्व विधायक रहे सुखवीर सिंह पुंडीर भी छात्र जीवन से राजनीति में सक्रिय रहे थे।
मेरठ दक्षिण से दो बार विधायक और ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर सीसीएसयू छात्र संघ अध्यक्ष रहे हैं। अतुल प्रधान भी छात्र राजनीति की सीढ़ी से ही विधानसभा में पहुंचे है। कुलदीप उज्ज्वल मेरठ कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष रहे हैं। चरथावल विधायक पंकज मलिक ने छात्र राजनीति के बाद ही दो बार विधानसभा में दस्तक दी है।
कैराना: वीरेंद्र वर्मा भी संसद तक पहुंचे
1998 में कैराना से सांसद रहे वीरेंद्र वर्मा छात्र राजनीति के रास्ते ही संसद पहुंचे थे। वीरेंद्र वर्मा ने मेरठ कॉलेज से बीए और एलएलबी की पढ़ाई के साथ-साथ छात्र राजनीति भी की थी। वह पंजाब और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल भी रहे।