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अमर उजाला एक्सक्लूसिव: सैन्य अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट के लिए मिली मंजूरी, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

Thu, 27 May 2021 01:45 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दीपक भारद्वाज, मेरठ

सार

अब यहां सैन्य अस्पताल में भी ऑक्सीजन प्लांट के लिए मंजूरी मिल गई है। सरकार की तरफ से एनएचएआई को निर्देश दिए गए हैं कि वार्ड के पास ही प्लांट का स्थान तय किया जाए। अमर उजाला की ये खास रिपोर्ट पढ़िए।
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ऑक्सीजन प्लांट फाइल फोटो। - फोटो : ANI
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विस्तार
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कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की मारामारी के बाद सैन्य अस्पताल में भी ऑक्सीजन प्लांट की मंजूरी मिल गई है। मेरठ में कैंट स्थित सैन्य अस्पताल में 545 बेड के लिए एक हजार लीटर प्रति मिनट क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा। एनएचएआई और डीआरडीओ को यह जिम्मेदारी दी गई है। एनएचएआई ने सैन्य अस्पताल का मौका-मुआयना कर साइट फाइनल कर दी गई है। प्लांट लगाने के निर्देश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने दिए हैं।

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पिछले दिनों सैन्य अस्पताल में कोरोना मरीज बढ़ने से हालात बिगड़ने लगे थे। एक तरफ सिविल क्षेत्र में ऑक्सीजन की मारामारी थी तो वहीं सैन्य अस्पताल के लिए भी दिक्कत शुरू हो गई थी। सैन्य अस्पताल को प्रशासन की ओर से बिजौली, अग्रवाल गैस सेंटरों से ऑक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति कराई गई थी।

नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश
सरकार की तरफ से एनएचएआई को निर्देश दिए गए हैं कि वार्ड के पास ही प्लांट का स्थान तय किया जाए। 24 घंटे बिजली के लिए जेनरेटर की व्यवस्था प्लांट के पास करने के साथ ही दो तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। इसके अलावा एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए जो प्रदेश और राज्य सरकार के संपर्क में हो। 
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लीटर प्रति मिनट में मापा जाता है प्रवाह
ऑक्सीजन एक गैस है। इसके प्रवाह को लीटर प्रति मिनट में मापा जाता है। ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है तो डॉक्टर बताते हैं कि मरीज को एक लीटर प्रति मिनट या दो लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन की जरूरत है। इसलिए 545 बेड के लिए एक हजार लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की जा रही है।

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