उपभोक्ता और ज्यादा परेशान
लॉकडाउन के चलते लोग आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। ऊपर से बढ़े बिजली बिलों ने हालत और खस्ता कर दी है। उपभोक्ता बिल दुरुस्त कराने जा रहे हैं तो उन्हें टरकाया जा रहा है या आजकल कहकर चक्कर कटवाए जा रहे हैं।
इस तरह लगा टैरिफ दरों का झटका
0 से 150 यूनिट तक बिजली दरें 5.50 रुपये प्रति यूनिट है। 151 से 300 यूनिट तक का रेट छह रुपये प्रति यूनिट है। 301 से 500 यूनिट तक 6.50 रुपये और 501 से ऊपर 7 रुपये प्रति यूनिट है। इसी टैरिफ रेट के शिकार वे उपभोक्ता हो गए जिनकी यूनिट 150 तक ही आती थी। औसत बिल में छूटी यूनिट मीटर रीडिंग आधारित बिल में जुड़कर आने से उनकी यूनिट 150 से ज्यादा हो गईं। इसके चलते बिल 5.50 रुपये प्रति यूनिट की बजाय 6.00 से 6.50 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बनाया। निगम की इस गलती का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
क्या बोले अधिकारी
लॉकडाउन के चलते मार्च और अप्रैल का बिल मीटर रीडिंग से नहीं बने। इसके लिए दिसंबर से जनवरी तक के तीन महीने के बिलों के आधार पर औसत फॉर्मूले से बिल बनाकर उपभोक्ताओं को मैसेज से भेजे गए। अब मई का बिल मीटर रीडिंग आधारित भेजा जा रहा है। गर्मी में खपत बढ़ने से बिल ज्यादा आना प्रतीत हो रहा है। बिल में कोई हेराफेरी नहीं की जा रही है। बिल संशोधन के लिए अलग से स्टाफ है। कहीं कोई गड़बड़ी या मना कर रहा है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ
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