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कोरोना के बहाने दूसरी बीमारियां ले रहीं जान, पढ़िए अमर उजाला की ये खास रिपोर्ट

Thu, 02 Jul 2020 12:44 PM IST
कपिल kapil मनु चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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कोरोना वायरस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना से लोगों की मौत हो रही है, लेकिन उससे कहीं ज्यादा मौतें अन्य बीमारियों से हो रही हैं। ऐसा कहना है मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ और कोविड का इलाज करने वाले डॉक्टरों का। उनका कहना है कि कोरोना के सहारे दूसरी बीमारियां लोगों की जान पर भारी पड़ रही हैं। मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में एक जुलाई तक कोरोना से 130 मरीजों की मौत हो चुकी थी। इनमें से 99 ऐसे मरीजों की मौत हुई, जिन्हें कोरोना से पहले अन्य गंभीर बीमारियां थीं। कोविड वार्ड में मरने वाले मेरठ के 40 फीसदी मरीज हैं। 60 फीसदी मौत का शिकार हुए लोग आसपास के जिलों से हैं। मरने वालों में 80 प्रतिशत ऐसे मरीज थे, जिन्हें कोरोना के साथ दूसरी बीमारियां भी थीं।

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अधिकारियों ने ली मौत के बारे में पूरी रिपोर्ट 
मेरठ मेडिकल कॉलेज के कोविड सेंटर में हो रहीं मौतों को लेकर शासन गंभीर है। पूर्व में यहां केजीएमयू के प्रोफेसर डॉ. वेद प्रकाश को मुख्यमंत्री ने ओएसडी बनाकर मेरठ भेजा। वे दो बार मेरठ के मेडिकल कॉलेज व अन्य कोविड अस्पतालों का निरीक्षण कर चुके हैं। प्रमुख सचिव स्तर के एक अन्य अधिकारी भी लगातार समीक्षा के लिए मेरठ आए। पांच दिन पहले ही आबकारी आयुक्त, प्रयागराज के साथ केजीएमयू के प्रोफेसर को नोडल अधिकारी बना कर मेरठ भेजा गया। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने मेरठ मेडिकल कॉलेज में हो रही मौत का ऑडिट किया और एक-एक मरीज की मौत के बारे में पूरी रिपोर्ट ली।  

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कोरोना के साथ दूसरी बीमारी
- साहिबाबाद के राजेंद्र सिंह (48 वर्ष) 17 जून की सुबह भर्ती हुए थे। वह लंबे समय से मधुमेह के रोगी थे। इनके फेफड़ों में गंभीर निमोनिया था। 19 जून को उपचार के दौरान मौत हो गई।
- गाजियाबाद की संजय कॉलोनी निवासी बच्चा फरमान तीसरी मंजिल से नीचे कूद गया था। सिर में गंभीर चोट लगी थी। गंभीर हालत में मेडिकल लाया गया। अस्पताल में ब्रेन इंजरी के कारण दौरा भी पड़ा। रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई।
- शामली निवासी जुलेखा (65 वर्ष) 18 जून को मेडिकल में भर्ती हुईं। हालत गंभीर थी। 19 जून को इनकी मौत हो गई। महिला को क्रॉनिक पल्मोनरी डिजीज थी। इनको निमोनिया और एक्यूट रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम था।  
- हापुड़ निवासी सुलेमान (53 वर्ष) को 16 जून को मेडिकल में भर्ती किया। मरीज कोरोना पॉजिटिव था। वह गंभीर निमोनिया के साथ क्रॉनिक लिवर डिजीज से पीड़ित था। पेट में पानी भरा हुआ था। काफी प्रयास के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका।
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85 फीसदी से ज्यादा मरीज ठीक हुए
मेडिकल के कोविड अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. तुंगवीर सिंह आर्य का कहना है कि मेरठ में 27 मार्च को कोरोना का पहला मरीज मिला था। वह महाराष्ट्र से लौटा था। उसका परिवार और रिश्तेदार भी संक्रमित मिले थे। मरीज गंभीर स्थिति में होने के बाद स्वस्थ हुआ। एक साल के बच्चे से लेकर 83 साल के वृद्ध भी कोरोना को मात दे चुके हैं। गर्भवती महिलाएं भी ठीक होकर गई हैं।

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