सरूरपुर। गांव कक्केपुर में तालाब की खुदाई करती जेसीबी। ग्रामीण
सरूरपुर। गांव कक्केपुर में तालाब की सफाई कर कीचड़ श्मशान में डालने व बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप प्रकरण में अमर उजाला में तीन फरवरी को खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। जिला प्रशासन के आदेश के बाद तालाब की खुदाई का कार्य फिर से शुरू हो गया है। साथ श्मशान में से भी ठेकेदार के द्वारा कीचड़ हटवाया जा रहा है। खबर का असर होने पर ग्रामीण व मुख्य शिकायतकर्ता संजीव त्यागी ने अमर उजाला आभार जताया है।
बता दे कि गांव कक्केपुर में जिला पंचायत के द्वारा करीब एक करोड की लागत से सफाई कार्य कराया गया था। गांव निवासी संजीव त्यागी ने ठेकेदार व विभाग पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायत की थी। आरोप है कि ठेकेदार के द्वारा सफाई के नाम पर खानापूर्ति की गई है। तालाब की सिल्ट को निर्धारित गहराई तक नहीं निकाला गया है। तालाब के चारों ओर मेढ़ व किनारों को सही आकार नहीं दिया गया है। जबकि तालाब से निकाला गया कीचड़ को रास्ते के दोनों ओर डाल दिया गया है। इससे रास्ते की चौड़ाई कम हो गई। साथ ही ठेकेदार ने कीचड़ को श्मशान घाट में डाल दिया था। तालाब की सफाई के नाम पर निकाला गया कीचड़ श्मशान भूमि में डालना बेहद संवेदनहीन कृत्य माना जा रहा है। पवित्र श्मशान स्थल को गंदगी से पाटे जाने से ग्रामीणों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई थी। अब फिर सेे काम शुरू होने पर लोगों को राहत मिली है।