शास्त्रीनगर में सीवर पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण करते हुए महापौर हरिकांत अहलूवालिया। स्रोत स्वयं
मेरठ। महानगर में लगातार मिल रही सीवर चोक और जलभराव की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार सुबह महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने शास्त्रीनगर सहित कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया। शास्त्रीनगर में स्थित पांच सीवर पंपिंग स्टेशनों में से दो के खराब मिलने पर महापौर ने कड़ी नाराजगी जताई और सीवर अनुरक्षण का कार्य देख रही कंपनी वीए टेक वबाग के कार्यों पर सवाल उठाए।
निरीक्षण के दौरान वार्ड-26 स्थित सीवर पंपिंग स्टेशन पर कुल पांच पंप लगे पाए गए, जिनमें से केवल तीन ही संचालित अवस्था में थे। दो पंप तकनीकी खराबी के कारण बंद मिले। इस स्थिति पर महापौर ने कार्यदायी संस्था के महाप्रबंधक से फोन पर बात कर रोष व्यक्त किया और लापरवाही के लिए शासन स्तर पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने यह भी जानकारी ली कि निगम द्वारा भुगतान किए जाने के बावजूद कार्य संतोषजनक क्यों नहीं है।
महापौर ने नगर निगम के जलकल अभियंता को भी फटकार लगाई और कहा कि कार्य अधूरा और असंतोषजनक होने के बावजूद सत्यापन किया जाना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता लंबे समय से जलभराव और सीवर जाम की समस्या से परेशान है और जिम्मेदार अधिकारियों व एजेंसियों की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि वीए टेक वबाग द्वारा आवंटित 23 वार्डों में सीवर नेटवर्क की नियमित जांच और सफाई नहीं की जा रही है। पार्षदों ने बताया कि कई इलाकों में लंबे समय से सीवर की सफाई नहीं हुई है और करीब 75 प्रतिशत सीवर लाइनें जाम पड़ी हैं।