उन्होंने बताया कि वार्ड छह बहुत बड़ा है और 28 कर्मचारी हैं। नगर आयुक्त ने आदेशित किया कि बुधवार और शनिवार को 28 कर्मचारी ध्यानचंद नगर में नियमित रूप से सफाई कार्य करेंगे। पहले सात दिन संपूर्ण सफाई व्यवस्था करें और उसके बाद नियत दिनों में कार्य करें।
महामंत्री विक्रांत गोयल ने बताया कि दो महीने पहले तीन सड़कों का निर्माण हुआ। आज नगर आयुक्त को उनकी दुर्दशा दिखाई गई। नगर आयुक्त ने तुरंत आदेश करते हुए कहा कि ठेकेदार की एफडी जमा की जाए। संबंधित अधिकारियों से कहा गया कि पुन: सड़क का निर्माण कराएं और रिपोर्ट उनकी टेबल पर प्रस्तुत करें।
इस दौरान उन्होंने तुरंत खंभों की गिनती कर बुधवार से स्ट्रीट लाइट लगाए जाने का भी आश्वासन दिया। गंदगी और अन्य समस्याओं को दिखाते हुए ध्यानचंद नगर के लोग नगर आयुक्त को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर भी लेकर पहुंचे। कोषाध्यक्ष सुमित ग्रोवर ने बताया सफाई के बाद पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। खाली प्लाट में पानी डाल दिया जाता है। आठ कच्ची सड़कें दिखाई गई जिनका अभी तक निर्माण नहीं हुआ है। बिजली बंबा बाईपास पर खत्ते को देखकर सभी अधिकारी मौन रह गए।
एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल पुंडीर ने बताया कि दो दिन पूर्व पूरी टीम से छह घंटे सफाई कार्य किया था। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि प्राइवेट कॉलोनी और परतापुर की तरफ की कॉलोनी के लोग यहां ट्राली भरकर कूड़ा डाल जाते हैं। नगर आयुक्त ने कहा कि ऐसे वाहनों को चिन्हित कर चालान और पुलिस कार्यवाही भी कराई जाएगी। अब सफाई प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि बिजली बंबा बाईपास का यह स्थान एमडीए के अंतर्गत आता है। इसकी फेसिंग कराकर ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि लोग यहां कूड़ा न डालें। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी, संजय जैन, सुधीर पाठक, पंकज जैन, दिनेश जैन, विकास जैन, दीपक, सम्यक जैन, राहुल गुप्ता, सुनील अरोड़ा, हिमांशु आदि रहे।