प्रतियोगिता में भाग लेने वाले भी विजेता
एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने कहा कि जीत हार मुद्दा नहीं है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र-छात्राएं भी विजेता हैं। डायस पर आकर बोलना और अपने विचार रखने वाले भी किसी से कम नहीं है। हार से ही जीत का रास्ता निकलता हैं। छात्र-छात्राएं लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ें और खुद को निखारते हुए अधिक मेहनत करें।
युवा जोश और अनुभव दोनों जरूरी
जेवी कॉलेज बड़ौत के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह ने कहा कि युवा जोश और अनुभव दोनों के मिश्रण से मिलकर देश और समाज चलता है। प्रतियोगिता में युवाओं ने एक से बढ़कर एक तर्क दिए। आज के युवा ही कल का भविष्य हैं। प्रत्येक छात्र-छात्रा खुद को तैयार करें और भविष्य में आने वाली प्रतियोगिताओं में इनाम जीतें।
आज हारने वाले, कल के विजेता
जेवी कॉलेज बड़ौत की हिंदी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. साधना ने कहा कि जिन छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिता में भाग लिया, वह भी एक दिन विजेता जरूर बनेंगे। लेकिन इसके लिए जरूरी है खुद को तैयार करना। जो कमियां रह गई हैं, उन पर अफसोस करने के बजाए उन्हें दूर कर आगे बढ़ना और फिर जीतना।
मेहनत करें और खुद को भविष्य के लिए तैयार रखें
दिगंबर जैन कॉलेज बड़ौत के इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रज्ञान चौधरी ने कहा कि युवा देश की ताकत हैं। जिले के युवाओं ने जिस तरह के विचार रखें है यह बेहद प्रभावित करने वाला है। जिले के युवा हर मुद्दे पर नजर रख रहे हैं यह और भी अच्छी बात लग रही है। प्रतिभागी युवाओं को और अधिक मेहनत कर खुद को भविष्य के लिए तैयार करना चाहिए।
युवाओ ने दिखाया तर्क का दम
दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज में राजनीति शास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. स्नेहवीर ने कहा कि युवाओं के बीच जागरुकता बढ़ती है। वाद-विवाद प्रतियोगिता से जाहिर है कि भविष्य उज्ज्वल है। युवाओं ने अच्छे तर्क रखें।
प्रतिभाग करने वालों ने दिखाया दम
दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के अंग्रेजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अंशु ने कहा कि एक जटिल विषय पर जिले के युवाओं ने दमदार प्रस्तुति दी। जो प्रतिभागी इनाम नहीं जीत सकें वह भविष्य के लिए खुद को तैयार रखें। मंच पर खड़े होकर प्रतिभाग करना भी बड़ी बात है।
नई पीढ़ी के लिए खुलेंगी संभावनाएं
प्रतियोगिता के विजेता एसपीआरसी डिग्री कॉलेज के डीएलएड चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र राहुल कुमार ने विषय के पक्ष में कहा कि राजनेताओं की आयु के निर्धारण से नई पीढ़ी के लिए भी संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। एक उम्र के बाद रिटायरमेंट गलत नहीं है, बल्कि इसे स्वीकार्यता दी जानी चाहिए।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/