घंटाघर स्थित पालिका मार्केट में नियम विरुद्ध ढंग से बनी दुकानें। संवाद
- फोटो : अमर उजाला
करीब चार दशक पहले नगर निगम ने यूपी हैंडलूम कॉरपोरेशन लिमिटेड को घंटाघर के पालिका बाजार में चार दुकानें प्रदर्शनी लगाने के लिए आवंटित की थीं। अब यहां हथकरघा विभाग की मनमानी और नगर निगम की लापरवाही से 14 दुकानें बन गई हैं। इन दुकानों को बेचने की तैयारी की जा रही है।
मेरठ में पालिका बाजार के प्रथम तल पर नगर निगम द्वारा चार दुकानों का आवंटन हथकरघा विभाग के उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए किया गया था। बाद में हथकरघा विभाग की नीयत खराब हो गई और किराएदार की श्रेणी में आने वाले विभाग ने नियम विरुद्ध तरीके से 20 दिसंबर, 2019 को मोरपाल सिंह और पालिका बाजार में ही दुकान करने वाले प्रवीण शर्मा के साथ बैनामा का रजिस्टर्ड अनुबंध कर लिया। अनुबंध के तहत इन लोगों को हथकरघा विभाग के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाने के साथ ही उन्हें बेचना था।
मंजूरी बिना किए गए अनुबंध में भी उल्लंघन
हथकरघा विभाग ने निगम की दुकानों में अपने उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए अनुबंध किया था लेकिन मोरपाल सिंह और प्रवीण शर्मा ने चार दुकानों, जिसमें दो बड़े हाल भी थे, तोड़कर 14 दुकानों का निर्माण कर दिया। हथकरघा विभाग ने अनुबंध से पहले नगर निगम को न सूचना दी और न ही स्वीकृति ली।
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हथकरघा विभाग का जानकारी से ही इनकार
मामले में लोकेश खुराना ने आरटीआई के जरिए नगर निगम और हथकरघा विभाग के सहायक आयुक्त से जानकारी मांगी थी। नगर निगम ने जहां अपनी दुकानें होना स्वीकार किया, वहीं हथकरघा विभाग के सहायक आयुक्त ने अनुबंध होने की जानकारी से ही इनकार कर दिया।
फाइल मंगाई, जांच के बाद कार्रवाई
मामला संज्ञान में है। इसकी फाइल तलब की गई है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- मनीष बंसल, नगर आयुक्त
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